#बड़े_नेताओं_की_असली_राजनीति..
संसद में घमासान, टीवी चैनलों पर तीखी बयानबाजियां और सड़कों पर एक-दूसरे के खिलाफ चौबीसों घंटे 'महायुद्ध'! लेकिन जैसे ही सुप्रिया सुले की सुपुत्री के विवाह समारोह का मंच सजता है, सारे 'सिद्धांत' और 'मतभेद' वीआईपी मेहमानों की कुर्सियों के पीछे छिप जाते हैं।
एक ही फ्रेम में गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और शरद पवार! संसद ठप रहे तो रहे, पर सियासी रिश्तों की ट्यूनिंग हमेशा सुपरहिट रहती है।
राजनीति सिर्फ आम कार्यकर्ताओं के लिए एक 'जंग' है, बाकी बड़े नेताओं के लिए तो बस एक 'रंग' है! 👇