डीडवाना जिला कारागृह का विजिटर बोर्ड ने किया औचक निरीक्षण, बंदियों से जानीं व्यवस्थाएं
डीडवाना।राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान और सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट याचिका संख्या 1404/2023 (सुकन्या सांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) में जारी दिशा-निर्देशों की पालना में विजिटर बोर्ड के सदस्यों ने जिला कारागृह, डीडवाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों सहित जिला प्रशासन व पुलिस महकमे के आला अधिकारी मौजूद रहे।निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) नाहर सिंह मीणा, प्राधिकरण के सचिव विकास एचरा, जिला कलेक्टर व विजिटर बोर्ड के पदेन सदस्य अवधेश मीणा और पुलिस अधीक्षक प्यारेलाल शिवरान शामिल थे। इनके साथ ही उप निदेशक (समाज कल्याण) जयपाल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी जोगेन्द्र ठोलिया, नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह, अधिशासी अभियंता जितेन्द्र जांगीड़, जिला उद्योग अधिकारी हरेन्द्र बेनीवाल और जिला रोजगार अधिकारी राकेश चौधरी ने जेल इंचार्ज नरेश कुमार की मौजूदगी में कारागृह की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा।विजिटर बोर्ड के सदस्यों ने जेल में बंद बंदियों से सीधे रूबरू होकर बातचीत की और उनसे मिल रही सुविधाओं व व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की। बंदियों ने बताया कि कारागृह में खाना बनाने और साफ-सफाई की जिम्मेदारी किसी एक पर न होकर, बारी-बारी से सभी बंदियों की लगाई जाती है। इसके अलावा, हर बैरक की सफाई की जिम्मेदारी भी उसी बैरक के बंदियों की होती है। बंदियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि जेल परिसर में जाति, लिंग, दिव्यांगता या किसी भी अन्य आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है।निरीक्षण के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना के सचिव की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक का आयोजन भी किया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से लंबे समय से लंबित चल रहे पीड़ित प्रतिकर के मामलों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान इन सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्रवाई पूरी की गई।