मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र पर चोट मारी है, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो – दीपेन्द्र हुड्डा
जिन प्रदेशों में चुनाव प्रभावित किए गए, वहां फिर से मतदान हो, हरियाणा विधान सभा भंग कर दोबारा चुनाव कराए जाएं– दीपेन्द्र हुड्डा
चुनावों में धांधली के जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के सभी संदिग्ध फैसलों व कार्यों की समीक्षा हो – दीपेन्द्र हुड्डा
· बीजेपी ने बेईमानी कर मात्र आधे प्रतिशत वोटों के अंतर से प्रदेश में सरकार बनाई – दीपेन्द्र हुड्डा
· मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बीजेपी की कठपुतली – दीपेन्द्र हुड्डा
· चुनाव आयोग पूरी तरह से BJP आईटी सेल का काम कर रहा है– दीपेन्द्र हुड्डा
· AICC के आहवान पर लघुसचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया
· सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने यमुनानगर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया
यमुनानगर, (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज यमुनानगर में AICC के आहवान पर लोकतंत्र की हत्या, चुनावी धांधली और वोट चोरी के विरोध में लघुसचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बीजेपी की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को चोट पहुंचा रहे हैं। उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। 3 में से 2 चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार चिट्ठी लिखकर कहा कि एसआईआर और अन्य माध्यमों से गड़बड़ियाँ हो रही है। 2 चुनाव आयुक्तों के खुलासे से एक बहुत बड़ा स्कैम उजागर हुआ कि चुनाव आयोग दिल्ली में एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस के जरिए वोटों को घटाने और बढ़ाने का काम कर रहा है। इसके बाद किसी सबूत की जरूरत नहीं, चुनाव आयोग पूरी तरह से BJP आईटी सेल का काम कर रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि चुनावों में धांधली के जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें, उनपर कानूनी कार्रवाई हो एवं उनके कार्यकाल में लिए गए सभी संदिग्ध फैसलों व कार्यों की समीक्षा की जाए। जिन प्रदेशों में चुनाव प्रभावित किए गए हैं, वहां फिर से मतदान होना चाहिए और हरियाणा में भी विधान सभा भंग कर दोबारा चुनाव कराए जाएं नहीं तो लोगों का चुनावी प्रणाली से विश्वास खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव की बात नहीं, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। जब तक लोकतंत्र को बचाएँगे नहीं तब तक लड़ाई लड़ते रहेंगे।
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने यमुनानगर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब से बीजेपी सरकार आई है वो देश के संविधान और लोकतंत्र को तार-तार करके देश को तानाशाही की तरफ लेकर जाना चाहती है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सारे तथ्य और प्रमाणों के साथ साबित कर दिया कि वोट चोरी केवल हरियाणा में ही नहीं, हुई बल्कि बीजेपी ने सत्ता को हासिल करने के लिए बाक़ी प्रदेशों में भी और लोकसभा चुनाव में भी व्यापक रूप से वोट चोरी का ज़रिया अपनाया गया है। हरियाणा में जनभावना बीजेपी सरकार को बदलने की थी, लोग बदलाव चाहते थे। लेकिन बीजेपी ने काले धन का और चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके साम, दाम, दंड, भेद, हर तरीके के हथकंडे अपनाकर जनभावना को हराकर, जनभावना को चुराकर सत्ता हासिल की। चुनाव के पहले सारे ओपिनियन पोल, सारे सर्वे में कांग्रेस पार्टी की बड़ी जीत दिखायी जा रही थी। सुबह जब गिनती शुरु हुई तो पोस्टल बैलट में 76 सीटों पर कांग्रेस की जीत हुई थी। हरियाणा का इतिहास रहा है कि जो पोस्टल बैलट में आगे रहता है सरकार उसी की बनती है। 2004, 2009 के चुनाव में पोस्टल बैलेट में कांग्रेस की लीड थी और कांग्रेस की सरकार बनी। 2014, 2019 में पोस्टल बैलेट में बीजेपी आगे थी तो बीजेपी सरकार बनी। 2024 में पहली बार ऐसा हुआ कि 76 हलकों में जीत रही कांग्रेस पार्टी का नतीजा मशीन खुलने पर बदल गया। गिनती के पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद प्रेस मीडिया के सामने कहा कि ‘सारा इंतजाम कर रखा है।’ 5 अक्टूबर की रात चुनाव आयोग ने 61% वोटिंग की घोषणा की थी, लेकिन 8 अक्टूबर को 7% वोट बढ़ाकर गिनती की गई। वो 7% वोट कहाँ से आए? इसका जवाब आज तक नहीं मिला। बेईमानी कर मात्र आधे प्रतिशत वोटों के अंतर से प्रदेश में बीजेपी ने सरकार बनाई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद वरुण चौधरी ने यमुनानगर के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और जलभराव के करण जमीन का कटाव की समस्या के समाधान की मांग की।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की गलत नीतियों ने देश भर में बेरोजगारों की फौज खड़ी कर दी। जो हरियाणा प्रदेश 2014 तक देश में विकास का पर्यायवाची माना जाता था। प्रदेश खुशहाली के लिए जाना जाता था, अच्छे कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता था। प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, आर्थिक विकास दर, खेल खिलाड़ियों में, किसानों को फसलों का भाव देने में हरियाणा नंबर एक था। 2004 में जब हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनी उस समय गन्ने का भाव ₹100 करीब था। उसको हमने बढ़ाकर ₹310 किया, जो 165% बढ़ोतरी थी और देश में सबसे ज्यादा थी। पिछले 12 साल में बीजेपी सरकार ने गन्ने का भाव ₹310 से केवल ₹408 किया है जो केवल 31% वृद्धि है। हमारे समय गन्ने के भाव में हर साल 22.5% बढ़ोतरी होती थी, उसकी आधी बढ़ोतरी भी बीजेपी सरकार में नहीं हुई। आज हरियाणा बेरोज़गारी में नंबर एक पर, नशाखोरी में नंबर एक पर, डंकी के रास्ते विदेशों की ओर पलायन में नंबर एक पर बन गया है। क्योंकि हरियाणा का नौजवान अपना भविष्य अंधकार में देख रहा है। बीजेपी सरकार में प्रदेश की कानून-व्यवस्था चौपट हो गई है, चारों तरफ अंधेरगर्दी है, जेल से फिरौतियों की कॉल आती है। बीजेपी नेताओं के भ्रष्टाचार में प्रदेश नंबर एक पर पहुँच गया। हरियाणा की जनता तो कष्ट का जीवन काट रही है और बीजेपी के विधायक और बीजेपी के मंत्री दीनदयाल कॉलोनियां काट रहे हैं। कहीं माइनिंग में भ्रष्टाचार हो रहा है, जनता त्रस्त है और बीजेपी वाले भ्रष्टाचार में मस्त हैं।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने चुनाव के समय किसानों को MSP दिलवाने समेत अनेक वायदे किए। लेकिन 2 साल बाद हालत ये है कि किसान को न तो फसल की बिजाई के लिए समय से DAP मिल रही न MSP मिल रही है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री पंजाब में वायदा कर रहे हैं कि पंजाब में सारी फसलें एमएसपी पर खरीदवाएंगे। जबकि हरियाणा की मंडियों में बाजरा आ गया है, बाजरे की एमएसपी ₹2900 है जो ₹1000 कम यानी ₹1900 में बिक रहा है। पीआर धान की MSP ₹3100 दिलवाने का वादा था लेकिन MSP ही ₹2400 है, और वो ₹2400 भी नहीं मिलती, उसमें भी ₹400-₹500 कट लग रहा है। यहाँ तो धान खरीद शुरू भी नहीं हुई। MSP मिलना तो दूर आवाज उठाने पर किसानों को लाठियाँ मारी जा रही है। बीजेपी ने 12.5 साल में देश और प्रदेश का भट्ठा बैठा दिया। देश का नौजवान सड़कों पर आ गया और सवाल पूछने लगा तो बीजेपी सरकार ने लाठियों, आँसू गैस के गोलों से उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सांसद वरुण चौधरी, विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व विधायक चौधरी लहरी सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी रहे रमन त्यागी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण नरपाल सिंह गुर्जर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी देविंदर सिंह, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रभान कंबोज, ब्लॉक प्रधान परमजीत धीमान, रादौर ब्लॉक अध्यक्ष गुलज़ार सिंह, उमेश गुटका, सतपाल कौशिक, महबूब गुर्जर, ज़ाकिर हुसैन, राजकुमार त्यागी, मोनिका डुमरा, जितेंद्र नरवाल, सुरेश ढांडा, प्रदीप बिंद्रा, गुरनाम सिंह, संग्राम सिंह, कमल, सतीश, महबूब, राजकुमार, राजेश कटारिया, अमरजीत कोहली, जितेंद्र नरवाल, मुकेश, बलराज कौशिक, सतीश खटाना, विकास बंसल, प्रवीण राणा, अख्तर अली, गुरदयाल सिंह, परमजीत धीमान जिला पार्षद, गुरदीप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण विनायक, विकास गोयल, आर्यन, संग्राम सिंह, मुस्तफ़ा पोसवाल, नरसिंह पाल समेत युवा कांग्रेस, NSUI, महिला कांग्रेस, सेवादल के पदाधिकारी, स्थानीय वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।