कुटेल में वित्तीय समावेशन संतृप्ति शिविर
बैंकिंग व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाएं-डा. रईया
करनाल, 21 अक्तूबर। लोगों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आज घरौंडा हलका के गांव कुटेल में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) हरियाणा की ओर से वित्तीय समावेशन संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। इसमें अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया। इस मौके पर विभिन्न सरकारी, सहकारी, ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई की ओर से स्टॉल लगाए गए। मुख्य अतिथि डा. राहुल रईया ने इस मौके पर कहा कि 21 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक देश भर में सभी पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों में आयोजित किए जाएंगे। बैंक अधिकारी आज आपके घर द्वार पर आए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। बैंक अधिकारियों से कहा कि शिविरों की सफलता का आकलन इस बात से किया जाएगा कि कितने लोगों को बैंकिंग सेक्टर से जोड़ा, कितनों को योजनाओं का लाभ देकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और कितनों को साइबर फ्रॉड से बचाया और कितनों को बीमा सुविधा का लाभ प्रदान किया गया। सामाजिक योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से बैंक खातों में नामांकन जरूर दर्ज कराने की अपील की।
भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक पंकज सेतिया ने ग्रामीणों से कहा कि वे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना आदि का लाभ उठाएं। पीएमजेजेबीवाई योजना में 436 रुपये और पीएमएसबीवाई में 20 रुपये के सालाना प्रीमियम पर 2-2 लाख का बीमा कवर लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने पता, मोबाइल नंबर आदि बदलने पर खाताधारकों को री-केवाईसी कराने, दस साल या उससे अधिक समय तक बैंक खाते में कोई लेन-देन न होने पर लावारिस राशि (अनक्लेम्ड डिपॉजिट) के लिए आरबीआई की उद्गम वेबसाइट पर नाम, मोबाइल नंबर, पता आदि विवरण दर्ज कर जमा राशि व खाते के बारे में पता कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। किसी के साथ ओटीपी साझा न करें और न ही अनजान लिंक पर क्लिक करें। फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत 1930 अथवा 112 नंबर पर फोन करें। इसके अलावा बैंकिंग सेवाओं संबंधी अन्य किसी