रीछुल खरीदी केंद्र में बड़ा खुलासा: जांच के दौरान गायब मिला खरीदी केंद्र प्रभारी, सैकड़ों क्विंटल मिला था पुराना घुना गेहूं
सतना। सेवा सहकारी समिति रीछुल के खरीदी केंद्र में की गई शिकायतों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला आपूर्ति अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान खरीदी केंद्र प्रभारी सिद्धार्थ ओझा मौके से गायब मिले, जबकि उनकी अनुपस्थिति में लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित पटवारा शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता अमित तिवारी खरीदी कार्य करते हुए पाए गए।
जांच में अधिकारियों ने खरीदी केंद्र के संचालन में गंभीर अनियमितताएं और बड़ी लापरवाही पाई। बताया गया कि खरीदी केंद्र प्रभारी सिद्धार्थ ओझा को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका था और तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी लापरवाही के मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
जांच के दौरान अधिकारियों को वेयरहाउस के किनारे लगभग 197 क्विंटल पुराना घुना गेहूं भी मिला। पूछताछ में जानकारी सामने आई कि यह गेहूं वेयरहाउस कर्मचारी के एक रिश्तेदार का था, जिसे खरीदी के लिए रखा गया था।
इतना ही नहीं, खरीदी प्रांगण में बने एक भवन के कमरे की जांच के दौरान अधिकारियों को 300 से 500 क्विंटल तक पुराना और घुना गेहूं और मिला। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि वेयरहाउस कर्मचारी मुकेश द्विवेदी ने खरीदी केंद्र प्रभारी से कथित मिलीभगत कर अपने रिश्तेदार आशीष गौतम का पुराना घुना गेहूं खरीदी केंद्र में रखवाया था। इस मामले ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।