बी.वॉक के भविष्य को लेकर शिक्षा मंत्री से लगातार मुलाकातें, स्थायी नीति और मुख्यधारा में शामिल करने की मांग तेज, प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों के प्रतिनिधिमंडलों ने रखा पक्ष
शिमला। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2017 से संचालित बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc.) कार्यक्रम के भविष्य को लेकर प्रशिक्षकों एवं गैर-शिक्षक वर्ग की सक्रियता बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों और महाविद्यालयों से जुड़े B.Voc. प्रतिनिधिमंडलों ने माननीय शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर से लगातार मुलाकात कर कार्यक्रम के लिए स्थायी नीति बनाने और इसे उच्च शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने की मांग उठाई है।
मुलाकातों का यह सिलसिला सबसे पहले शिमला में B.Voc. संघ के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की शिक्षा मंत्री से हुई मुलाकात से शुरू हुआ। इसके अगले दिन बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर एवं घुमारवीं क्षेत्र के B.Voc. प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को उनके समक्ष रखा।
इसके बाद शिक्षा मंत्री के मंडी दौरे के दौरान मंडी से B.Voc. का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों ने उनसे मुलाकात की। वहीं कुल्लू-मनाली प्रवास के दौरान कुल्लू एवं हरिपुर महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर B.Voc. कार्यक्रम के भविष्य और कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
2017 से चल रहा है रोजगारोन्मुख कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडलों ने शिक्षा मंत्री के समक्ष कहा कि B.Voc. केवल एक डिग्री कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और रोजगार की दिशा प्रदान करने वाला कार्यक्रम है। वर्ष 2017 में हिमाचल प्रदेश में इसकी शुरुआत कौशल आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनके संबंधित क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग आधारित अनुभव और रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान किए जाते हैं। इसी कारण प्रतिनिधियों का कहना है कि इतने वर्षों से संचालित इस कार्यक्रम के लिए अब स्थायी एवं स्पष्ट नीति आवश्यक है।
शिक्षा मंत्री ने कहा—B.Voc. महत्वपूर्ण और रोजगारोन्मुख कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर ने B.Voc. कार्यक्रम की उपयोगिता को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि B.Voc. हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों में से एक रहा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल प्राप्त हो रहा है और वे रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि “आप निश्चिंत रहिए, आपके लिए कोई न कोई प्रावधान करेंगे। इस विषय पर विचार किया जा रहा है और आपको कोई न कोई सकारात्मक पहल देखने को मिलेगी।”
अब स्थायी समाधान की उम्मीद
शिक्षा मंत्री के इस आश्वासन के बाद B.Voc. से जुड़े प्रशिक्षकों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों में उम्मीद जगी है। प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार B.Voc. के लिए ऐसी स्थायी व्यवस्था तैयार करे, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के साथ-साथ कार्यक्रम से वर्षों से जुड़े कर्मचारियों की सेवा निरंतरता और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
B.Voc. प्रतिनिधियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम को किसी अस्थायी व्यवस्था के बजाय उच्च शिक्षा की मुख्यधारा का स्थायी हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा मंत्री के आश्वासन के अनुरूप शीघ्र ही इस दिशा में ठोस एवं सकारात्मक कदम उठाएगी।