गोगुंदा उपखंड के मजावड़ी गांव में भूमि रूपांतरण से जुड़े एक पुराने मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। किसान रूपलाल कुम्हार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2011 में उनकी कृषि भूमि के रूपांतरण के दौरान पंचनामे में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जबकि उस समय वह गुजरात की जेल में न्यायिक अभिरक्षा में थे।
पीड़ित ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भूमि रूपांतरण आदेश निरस्त करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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