जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम संपन्न, जिले ने देश में प्राप्त किया तीसरा स्थान
डिंडौरी शासन के निर्देशानुसार जिले में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम आज कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम हाल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, श्री पंकज सिंह तेकाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, सांसद प्रतिनिधि श्री सुधीर दत्त तिवारी, पूर्व अध्यक्ष श्री नरेन्द्र राजपूत, पूर्व विधायक श्री दुलीचंद उरैती, श्री महेश धुमकेती, श्री राजकुमार मोंगरे, श्री राहुल पांडे, श्री जयसिंह मरावी, जनपद सदस्य श्रीमती कीर्ति गुप्ता, श्रीमती रजनी मंदे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीएम शहपुरा श्री ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैद्यनाथ वासनिक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में जल संचय एवं जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार एवं संरक्षण का व्यापक कार्य किया गया। जिले में इस अभियान के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों के परिणामस्वरूप डिंडौरी ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन एवं सतत प्रयासों से ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं तहसील स्तर पर बड़े पैमाने पर तालाब, स्टॉप डेम, नाला, खेत तालाब, डगवेल, नदी-नाले, नहर, सोकपिट, कंटूर ट्रेंच, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं स्प्रिंग ड्रॉप जैसे कार्य संपादित किए गए। साथ ही शासकीय एवं अर्द्धशासकीय भवनों में भी वर्षा जल संचयन की व्यवस्थाएं विकसित की गईं।
अभियान के तहत जिले की 364 ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी से जल संरक्षण के कार्य संपन्न हुए, जिससे कुल 31 लाख 21 हजार 200 घनमीटर जल संग्रहण क्षमता का विकास हुआ। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लाभ प्राप्त हुआ है।
समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में सराहनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसे सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरचनाओं के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वर्षा जल संचयन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सांसद श्री कुलस्ते ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले को इस अभियान में देश में तीसरा स्थान प्राप्त होने पर जिला प्रशासन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल कि जा सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि यह डिंडौरी जिले के लिए गौरव की बात है कि अन्य जिलों की तुलना में पिछड़ा होने के बावजूद भी जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों से आज जिले ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में किए गए कार्य सराहनीय हैं, जिनका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी का परिणाम है। विधायक श्री धुर्वे ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा भविष्य में भी इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार एवं जनपद सदस्य श्रीमती कीर्ति गुप्ता ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
जिला प्रशासन द्वारा किए गए इन प्रयासों से आगामी समय में वर्षा जल के भूमिगत संचयन में वृद्धि होगी, जिससे जलस्तर में सुधार आएगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
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