पाँच साल, एक फाइल और एक बेबस विधवा... कब मिलेगी मोसमात गंगिया देवी को उनके हक की छत?
फाइलों में पक्का मकान, धरातल पर ज़ीरो: क्या यही है हजारीबाग के 'प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम' की जमीनी हकीकत?
सदर प्रखंड के चपवा गाँव का मामला; 2021 में पास हुआ था प्रधानमंत्री आवास, आज भी दूसरों के आसरे कट रही रातें
हजारीबाग: "धरती पर गरीब होना अपने आप में एक जुल्म है, लेकिन उससे भी बड़ा जुल्म तब होता है जब मिला हुआ हक और आशियाना भी व्यवस्था की फाइलों की धूल में खो जाता है।" यह दर्दनाक दास्तान हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम चपवा (पंचायत भेलवारा) की है, जहाँ कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फासला एक असहाय महिला की पूरी जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।
गाँव के प्रवेश द्वार पर लगा 'आदर्श ग्राम' का चमचमाता बोर्ड भले ही विकास के बड़े-बड़े दावे करता हो, लेकिन गाँव की गलियों के भीतर प्रशासनिक संवेदनहीनता की एक ऐसी कड़वी कहानी छिपी है, जो किसी के भी र