मेरे खाते में आए 294 करोड़ों रुपए मेरी समझ से बाहर हैं, मैंने कोई लेन-देन नहीं किया”: विकास कुमार का बयान
गया जिले के बोधगया प्रखंड के मस्तपुरा गांव निवासी और पेशे से प्लंबर विकास कुमार ने अपने बैंक खाते में अचानक 294 करोड़ों रुपये से अधिक दिखाई देने के मामले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि यह पूरी तरह से उनकी समझ से बाहर है और उन्होंने इस पैसे से जुड़ा कोई भी लेन-देन नहीं किया है। विकास कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले उनके खाते में एक ग्राहक द्वारा लगभग ₹1300 भेजे गए थे, जिसे उन्होंने सामान्य तरीके से निकाल लिया था। उस समय उनके खाते में केवल ₹113 शेष थे। लेकिन इसके बाद जब उन्होंने अपने खाते का कल सुबह में बैलेंस चेक किया तो वे दंग रह गए। पहले उन्हें लगभग ₹94 करोड़ दिखाई दिए और कुछ घंटों बाद शाम में यह राशि बढ़कर करीब ₹294 करोड़ तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह किसी तकनीकी गड़बड़ी या बैंकिंग सिस्टम की गलती हो सकती है, लेकिन जब बार-बार साइबर कैफे में जाकर जांच कराई गई तो वही राशि दिखाई देती रही। इससे वे और उनका परिवार पूरी तरह से हैरान रह गया।
विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका खाता फिलहाल बैंक द्वारा फ्रिज किया गया है और उन्होंने कभी भी इस पैसे को निकालने या उपयोग करने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उनका मानना है कि यह उनका पैसा नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं एक साधारण मजदूर हूं, मेरे लिए यह रकम असंभव है और मैं नहीं जानता कि यह पैसा कहां से आया है।” उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्हें साइबर थाना में बुलाया गया है, जहां वे अपना बयान दर्ज कराएंगे। विकास कुमार किसान का बेटा है।