बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने को लेकर कार्यशाला आयोजित
लखीसराय। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), लखीसराय की ओर से कवच परियोजना सेंटर डायरेक्ट के तकनीकी सहयोग से सोमवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित कर बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार करना और व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना था।
कार्यशाला में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, नालसा की एसओपी, बाल हितैषी कानूनी सेवा योजना 2024, बाल श्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम तथा बच्चों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, श्रम कानून, किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल एक्ट) और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में सचिव डालसा विधानन्द सागर, सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, पुलिस उपाधीक्षक विश्वजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
कवच परियोजना सेंटर डायरेक्ट के प्रतिनिधि चंद्रशेखर एवं प्रसून कमल ने विभिन्न कानूनों, योजनाओं और कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बाल संरक्षण में अपनी भूमिका बताते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
कार्यशाला में बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, संगठनों एवं एनजीओ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष रूप से जागरूकता एवं रोकथाम की कार्रवाई करने तथा पीड़ित बच्चों को पुनर्वास एवं सशक्त बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
डालसा के सचिव विधानन्द सागर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर संचालित विधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से लोगों को कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और पंचायतों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध कानून, पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम तथा बाल हितैषी कानून एवं योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने विद्यालयों से बच्चों के ड्रॉपआउट की समस्या को लेकर भी जागरूकता एवं रोकथाम कार्यक्रम चलाने की बात कही। इसके लिए ऑडियो-वीडियो, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ गीत-संगीत, लघु नाटक, नुक्कड़ नाटक, मानव शृंखला, बैनर एवं पोस्टर आदि माध्यमों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाएगा।
कार्यशाला में कवच परियोजना सेंटर डायरेक्ट से इन कार्यक्रमों को सभी संबंधित हितधारकों के सहयोग से जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का अनुरोध किया गया। डालसा ने नालसा एवं बालसा के निर्देशों के अनुरूप विधिक जागरूकता, विधिक सेवा और सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण तथा बाल हितैषी कानूनों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति प्रतिबद्धता जताई।