#धर्म_के_ठेकदार_अब_क्यों_चुप?
भरतपुर। मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित ओमजी सिटी में नवरात्रि से ठीक पहले मंदिर पर भरतपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। यूआईटी द्वारा कनवर्टेड इस कॉलोनी के धार्मिक स्थल पर राम परिवार सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित थीं, जिन्हें कार्रवाई के दौरान हटा दिया गया। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए निवासियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में ही ऐसी कार्रवाई होने पर शासन-प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, अब यह बहस भी छिड़ गई है कि हमेशा सनातन धर्म और मंदिरों की रक्षा का झंडा बुलंद करने वाले भाजपाई और हिंदूवादी संगठन अपनी ही सरकार के कार्यकाल में हुई इस कार्रवाई पर आखिर चुप क्यों हैं? कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि कोई तकनीकी आपत्ति थी तो बातचीत से समाधान निकाला जा सकता था, लेकिन त्यौहार से पहले इस तरह की कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।