मऊ - राष्ट्रीय एकता दिवस पर ग्रामीण युवाओं ने दिया भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मऊ के ग्रामीण युवाओं ने भरी एकजुटता की हुंकार, दिया सामाजिक सद्भाव का संदेश,
शारदा सेवा संस्थान की CHANGE परियोजना के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुए कार्यक्रम, जाति-धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर समरस समाज बनाने का लिया संकल्प
मऊ, राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शारदा सेवा संस्थान, मऊ की ओर से संचालित CHANGE परियोजना के अंतर्गत जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में एकता दिवस कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रकौली, रणवीरपुर, ताजोपुर, पनियरा और डुमरांव सहित कई गांवों में आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और समानता का संदेश दिया। इस दौरान युवाओं ने जाति, धर्म और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एक समतामूलक एवं समरस समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द, संवैधानिक मूल्यों और आपसी सहयोग के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान चर्चा, विचारों के आदान-प्रदान और सामूहिक संकल्प के माध्यम से युवाओं को समाज में एकता एवं समरसता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय एकता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी - रुद्र प्रताप
शारदा सेवा संस्थान के कार्यक्रम निदेशक रुद्र प्रताप ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन मनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारियों का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। युवाओं को जाति, धर्म और अन्य सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर समानता एवं सद्भाव पर आधारित समाज के निर्माण के लिए आगे आना चाहिए।
युवा शक्ति से आएगा सकारात्मक सामाजिक बदलाव - मोहम्मद आसिफ
कार्यक्रम समन्वयक मोहम्मद आसिफ ने कहा कि युवा समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। जब युवा एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर काम करेंगे, तभी गांवों में वास्तविक एकता स्थापित होगी और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का रास्ता मजबूत होगा।
गांव से ही शुरू होती है एकता की पहल - पवन
यूथ मोबिलाइजर पवन ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि एकता की शुरुआत अपने गांव और आसपास के परिवेश से होती है। आपसी सहयोग, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान को जीवन का हिस्सा बनाकर ही समाज में मजबूत संबंध स्थापित किए जा सकते हैं।
समानता और सम्मान के बिना एकता अधूरी - कृतिका
यूथ मोबिलाइजर कृतिका ने कहा कि समानता और सम्मान के बिना एकता की कल्पना अधूरी है। समाज में लड़कियों और लड़कों को समान अवसर एवं सम्मान मिलना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अधिकार प्राप्त हो सके।
विविधता ही हमारी पहचान और ताकत - स्नेहा
यूथ मोबिलाइजर स्नेहा ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान और ताकत है। भाषा, संस्कृति, विचारों और सामाजिक पहचान की भिन्नताओं का सम्मान करते हुए सभी को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। आपसी सम्मान और सहयोग से ही मजबूत एवं समरस समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर युवाओं ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द, लैंगिक समानता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने गांवों में सामाजिक भेदभाव और आपसी दूरियों को कम करने तथा सकारात्मक वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास
शारदा सेवा संस्थान, मऊ द्वारा CHANGE परियोजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं में सक्रिय नागरिकता, नेतृत्व क्षमता, संवैधानिक जागरूकता, लैंगिक समानता और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को जागरूक नागरिक बनने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।