नालंदा में सरकारी शिक्षक की कार्यशैली पर उठे सवाल, बच्चियों के पास लेटकर मोबाइल में रील देखते नजर आए अध्यापक!
पत्रकार को वीडियो बनाते देख शिक्षक हुए असहज, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
नालंदा, बिहार। बिहार के नालंदा जिले से सरकारी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक स्कूली बच्चियों के बगल में लेटे हुए मोबाइल पर रील देखते नजर आए। इसी दौरान वहां एक पत्रकार पहुंच गए और उन्होंने शिक्षक की इस गतिविधि का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
वीडियो बनते देख शिक्षक कुछ देर तक असहज नजर आए और पत्रकार को देखते रहे। इसके बाद वह उठकर वहां से चले गए। इस घटना को लेकर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी, अनुशासन और बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।
पत्रकार ने भी उठाए सवाल
बताया जा रहा है कि शिक्षक को इस तरह लेटे हुए देखकर पत्रकार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “घर से बेड उठा लाइए और यहीं डालकर आराम से सोइए।” पत्रकार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए सम्राट चौधरी सरकार को निशाने पर लिया।
सरकारी विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण जगह हैं। ऐसे में यदि किसी शिक्षक की कार्यशैली को लेकर इस तरह की तस्वीर सामने आती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है।
शिक्षा विभाग से जांच की मांग
इस मामले में संबंधित विद्यालय, शिक्षक की ड्यूटी और घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि होना आवश्यक है। शिक्षा विभाग को मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालयों में अनुशासन और पढ़ाई का माहौल बना रहे।
सवाल यह है कि जब शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह नजर आएंगे, तो बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
नोट: घटना से संबंधित वीडियो और आधिकारिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।