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पहाड़ों की रानी शिमला में 27 से 29 मई को आयोजित होने वाली "राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक" में गुजरात प्रांत से आने वाले राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।

119.9k views | Himachal Pradesh, India | May 13, 2022

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#तहबाजारियों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान, 10 अगस्त को जेल भरो, 11 व 13 को नगर निगम का घेराव

शिमला। रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन (सीटू) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। कालीबाड़ी हॉल में आयोजित यूनियन की आम सभा में तय किया गया कि 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन में बड़ी संख्या में सदस्य भाग लेंगे, जबकि 11 अगस्त को नगर निगम आयुक्त और 13 अगस्त को महापौर का घेराव किया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा सहित अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के प्रावधानों की अनदेखी कर वर्षों से रोज़गार कर रहे तहबाजारियों का उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाया जा रहा है, जो कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
यूनियन ने सभी पात्र तहबाजारियों का सर्वे कर पंजीकरण, वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने, वेंडिंग जोन विकसित करने, मनमानी फीस व जुर्माने की वसूली बंद करने तथा जब्त सामान लौटाने की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि नगर निगम ने पूर्व में किए गए आश्वासनों को भी लागू नहीं किया है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

#तहबाजारियों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान, 10 अगस्त को जेल भरो, 11 व 13 को नगर निगम का घेराव शिमला। रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन (सीटू) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। कालीबाड़ी हॉल में आयोजित यूनियन की आम सभा में तय किया गया कि 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन में बड़ी संख्या में सदस्य भाग लेंगे, जबकि 11 अगस्त को नगर निगम आयुक्त और 13 अगस्त को महापौर का घेराव किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा सहित अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के प्रावधानों की अनदेखी कर वर्षों से रोज़गार कर रहे तहबाजारियों का उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाया जा रहा है, जो कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है। यूनियन ने सभी पात्र तहबाजारियों का सर्वे कर पंजीकरण, वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने, वेंडिंग जोन विकसित करने, मनमानी फीस व जुर्माने की वसूली बंद करने तथा जब्त सामान लौटाने की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि नगर निगम ने पूर्व में किए गए आश्वासनों को भी लागू नहीं किया है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

Shimla Urban, Shimla | Aug 7, 2026

#शिमला :- चौपाल में विकास कार्यों ग़ायब, सड़को की बदहाली पर उठे सवाल..विधायक के इस्तीफ़े की लगातार उठ रही माँग..अब लोग सड़कों पर आने को तैयार..!

#शिमला :- चौपाल में विकास कार्यों ग़ायब, सड़को की बदहाली पर उठे सवाल..विधायक के इस्तीफ़े की लगातार उठ रही माँग..अब लोग सड़कों पर आने को तैयार..!

Shimla Urban, Shimla | Aug 7, 2026

#उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने  डीडीयू अस्पताल को भेंट की आधुनिक ओटी टेबल, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निजी संस्थानों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत शिमला के रिपन अस्पताल को आधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) टेबल भेंट की है। इस उपकरण के उपयोग से अस्पताल की सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में सुधार होगा।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने कहा कि आधुनिक ओटी टेबल मिलने से चिकित्सकों को बेहतर कार्य सुविधा मिलेगी और मरीजों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सहयोग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रतिनिधियों ने कहा कि बैंक केवल बैंकिंग सेवाएं ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने में अपना योगदान देना है।

#उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने डीडीयू अस्पताल को भेंट की आधुनिक ओटी टेबल, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निजी संस्थानों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत शिमला के रिपन अस्पताल को आधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) टेबल भेंट की है। इस उपकरण के उपयोग से अस्पताल की सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में सुधार होगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने कहा कि आधुनिक ओटी टेबल मिलने से चिकित्सकों को बेहतर कार्य सुविधा मिलेगी और मरीजों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सहयोग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रतिनिधियों ने कहा कि बैंक केवल बैंकिंग सेवाएं ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने में अपना योगदान देना है।

Shimla Urban, Shimla | Aug 7, 2026

*करुणामूलक रिजेक्ट मामलों के लिए सालाना आय इनकम को  3 लाख फ्लैट की जाए  संघ*

आज प्रदेश भर के समस्त करुणा मूलक परिवार  संघ के राज्य सचिव गुलशन कुमार के अध्यक्षता में शिमला में मुख्यमंत्री जी से मिले जिसमें मंडी प्रधान अनिल बलेनिया ,अभिषेक निखिल, शादी लाल, राहुल, सचिन और सैकड़ो की संख्या में प्रदेश भर के आश्रित अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जी से मिले 
संघ के सचिव गुलशन कुमार का कहना है कि करुणा मूलक परिवारों के लिए सरकार ने बहुत अच्छी पहल करी है और जो  परिवार 20 से 25 सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए अब सरकार रोजगार दे कर राहत प्रदान कर रही 

सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक करुणा मूलक परिवारों के लिए 3 लाख फ्लैट पॉलिसी लाई गई थी और उस पॉलिसी के तहत जिन परिवारों की सालाना इनकम 3 लाख दायरे के अंदर थी उन परिवारों को सरकार नियुक्तियां देना प्रारंभ किया है उसके लिए उसके लिए हम सरकार का धन्यवाद करते हैं

लेकिन साथ में ही सरकार द्वारा रिजेक्ट केसो को रिकंसीडर करने की नोटिफिकेशन भी जारी की गई है करुणा मूलक संगठन की मांग है कि जो केस पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन 
केसों के लिए 3 लाख की पॉलिसी के तहत केस रिकंसीडर किये जाए ओर रिजेक्ट केसो के लिए भी सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट किया जाए 
ताकि सब परिवारों के साथ एक समान न्याय सके 

 माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष गुलशन कुमार द्वारा रिजेक्ट केसों के लिए सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट करने के लिए ज्ञापन दिया 
जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा इन परिवारों को आश्वासन दिया गया की जो केस पूर्व में किसी वजह से रिजेक्ट है उनके लिए भी सालाना आय इनकम 3 लाख फ्लैट की जाएगी 

 *मुख्य मांगे* 

(1)  सरकार की नोटिफिकेशन दिनांक 8.10.2025 ( No.fin-F- (F)-1-1/2025 )
के तहत करुणामूलक मामलों में मिली छूट ओर आय सीमा  3 लाख फ्लैट के बाद स्क्रीनिंग पास किए हुए लगभग 1100 मामले विभिन्न विभागों,बोर्डों, निगमों ओर यूनिवर्सिटी के चयनित हुए हैं जो सेक्रेट्ररी लेवल या वित्त विभाग में फंसे हैं उन सबके टाइपिंग टेस्ट लिए जाएं और Class—C ओर Class-D में एक महीने के भीतर नियुक्तियां दी जाए ।

(2) रिजेक्ट केसों को कंसीडर करने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में नोटिफिकेशन की गई है परंतु इस नोटिफिकेशन में आयसीमा को 3 लाख फ्लैट नहीं दर्शाया गया है आपसे निवेदन है कि 8.10.2025 No.fin-F-(F)-1/2025 की नोटिफिकेशन को  31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाया जाए ताकि जो केस 3 लाख के दायरे में आ रहे हैं और पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन्हें लाभ मिल सके

*करुणामूलक रिजेक्ट मामलों के लिए सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट की जाए संघ* आज प्रदेश भर के समस्त करुणा मूलक परिवार संघ के राज्य सचिव गुलशन कुमार के अध्यक्षता में शिमला में मुख्यमंत्री जी से मिले जिसमें मंडी प्रधान अनिल बलेनिया ,अभिषेक निखिल, शादी लाल, राहुल, सचिन और सैकड़ो की संख्या में प्रदेश भर के आश्रित अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जी से मिले संघ के सचिव गुलशन कुमार का कहना है कि करुणा मूलक परिवारों के लिए सरकार ने बहुत अच्छी पहल करी है और जो परिवार 20 से 25 सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए अब सरकार रोजगार दे कर राहत प्रदान कर रही सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक करुणा मूलक परिवारों के लिए 3 लाख फ्लैट पॉलिसी लाई गई थी और उस पॉलिसी के तहत जिन परिवारों की सालाना इनकम 3 लाख दायरे के अंदर थी उन परिवारों को सरकार नियुक्तियां देना प्रारंभ किया है उसके लिए उसके लिए हम सरकार का धन्यवाद करते हैं लेकिन साथ में ही सरकार द्वारा रिजेक्ट केसो को रिकंसीडर करने की नोटिफिकेशन भी जारी की गई है करुणा मूलक संगठन की मांग है कि जो केस पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन केसों के लिए 3 लाख की पॉलिसी के तहत केस रिकंसीडर किये जाए ओर रिजेक्ट केसो के लिए भी सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट किया जाए ताकि सब परिवारों के साथ एक समान न्याय सके माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष गुलशन कुमार द्वारा रिजेक्ट केसों के लिए सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट करने के लिए ज्ञापन दिया जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा इन परिवारों को आश्वासन दिया गया की जो केस पूर्व में किसी वजह से रिजेक्ट है उनके लिए भी सालाना आय इनकम 3 लाख फ्लैट की जाएगी *मुख्य मांगे* (1) सरकार की नोटिफिकेशन दिनांक 8.10.2025 ( No.fin-F- (F)-1-1/2025 ) के तहत करुणामूलक मामलों में मिली छूट ओर आय सीमा 3 लाख फ्लैट के बाद स्क्रीनिंग पास किए हुए लगभग 1100 मामले विभिन्न विभागों,बोर्डों, निगमों ओर यूनिवर्सिटी के चयनित हुए हैं जो सेक्रेट्ररी लेवल या वित्त विभाग में फंसे हैं उन सबके टाइपिंग टेस्ट लिए जाएं और Class—C ओर Class-D में एक महीने के भीतर नियुक्तियां दी जाए । (2) रिजेक्ट केसों को कंसीडर करने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में नोटिफिकेशन की गई है परंतु इस नोटिफिकेशन में आयसीमा को 3 लाख फ्लैट नहीं दर्शाया गया है आपसे निवेदन है कि 8.10.2025 No.fin-F-(F)-1/2025 की नोटिफिकेशन को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाया जाए ताकि जो केस 3 लाख के दायरे में आ रहे हैं और पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन्हें लाभ मिल सके

Shimla Urban, Shimla | Aug 7, 2026

*फीस वृद्धि के विरोध में ABVP ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना-प्रदर्शन, रैली निकालकर जताया रोष* 

 *एबीवीपी शिमला जिला द्वारा भारी फीस वृद्धि के विरोध मे उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया* 

दिनांक: 07 अगस्त 2026

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला शिमला द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।

विद्यार्थी परिषद ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखीं। इनमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए व प्रदेश मे छात्र संघ चुनाव तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाएं ।

 ABVP के कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

धरने को संबोधित करते हुए कुनाल गांग्टा एवं रितिक शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्षरत रही है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों पर पड़ेगा, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों को इसका अत्यधिक प्रभाव पड़ेगा |

उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो सकता है। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि शिक्षा विद्यार्थियों की पहुंच में रहनी चाहिए और फीस वृद्धि के निर्णय पर विश्वविद्यालय प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार से मांग करती है कि फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए तथा छात्रसंघ चुनावों को शीघ्र बहाल किया जाए। विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के विभिन्न परिसरों में आंदोलन एवं भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की होगी।

*फीस वृद्धि के विरोध में ABVP ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना-प्रदर्शन, रैली निकालकर जताया रोष* *एबीवीपी शिमला जिला द्वारा भारी फीस वृद्धि के विरोध मे उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया* दिनांक: 07 अगस्त 2026 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला शिमला द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। विद्यार्थी परिषद ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखीं। इनमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए व प्रदेश मे छात्र संघ चुनाव तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाएं । ABVP के कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धरने को संबोधित करते हुए कुनाल गांग्टा एवं रितिक शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्षरत रही है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों पर पड़ेगा, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों को इसका अत्यधिक प्रभाव पड़ेगा | उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो सकता है। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि शिक्षा विद्यार्थियों की पहुंच में रहनी चाहिए और फीस वृद्धि के निर्णय पर विश्वविद्यालय प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार से मांग करती है कि फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए तथा छात्रसंघ चुनावों को शीघ्र बहाल किया जाए। विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के विभिन्न परिसरों में आंदोलन एवं भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की होगी।

Shimla Urban, Shimla | Aug 7, 2026

पहाड़ों की रानी शिमला में 27 से 29 मई को आयोजित होने वाली "राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक" में गुजरात प्रांत से आने वाले राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। - Himachal Pradesh News