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उरई: एसीएमओ ने स्कूली छात्राओं को एचपीवी वैक्सीनेशन की जानकारी दी, प्राणघातक बीमारियों से बचाव के निर्देश दिए

Orai, Jalaun | Apr 29, 2026
बुधवार की सुबह 10:00 बजे उरई तहसील क्षेत्र के शहर उरई से जानकारी प्राप्त हुई जहां पर एसीएमओ ने स्कूली छात्राओं को प्राण घातक बीमारियों से बचाव के निर्देश दिए साथ ही एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में बताया जिससे कई गंभीर बीमारियां होने के खतरे खत्म हो जाते हैं जिसको देखकर जानकारी दी और आवश्यक विषय निर्देश दिए

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नगर पालिका जांच में हंगामा: रिकॉर्ड पर ताला, बाबू गायब, ईओ पर गंभीर आरोप; कथित 'विज्ञापन समर्थित' पत्रकारों की भूमिका पर भी उठे सवाल

#जालौ‌न
उरई। नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच टीम के पहुंचते ही आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के बजाय कार्यालयों में ताले लटकने लगे, कई बाबू और अधिकारी कथित रूप से कार्यालय छोड़कर चले गए तथा जांच प्रक्रिया बाधित होने के आरोप लगे।
जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने स्वयं मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उन्हें कथित रूप से रिश्वत देने की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने सिरे से ठुकरा दिया। इसके साथ ही रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग न करने के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि कुछ कथित पत्रकार, जिन्हें नगर पालिका से विज्ञापन मिलने की बात कही जा रही है, जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय अधिशासी अधिकारी के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। आरोप है कि इन लोगों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) की भावना की अनदेखी की और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 74 के अंतर्गत सार्वजनिक अभिलेखों की उपलब्धता और पारदर्शिता के सिद्धांतों की भी अनदेखी की।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ ठेकेदार अधिशासी अधिकारी के बचाव में सक्रिय दिखाई दिए और शिकायत करने वाले सभासदों पर दबाव बनाने तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिन सभासदों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन की शिकायत की, उन्हीं को निशाना बनाया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अभिलेखों में कोई अनियमितता नहीं थी तो रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से परहेज क्यों किया गया? कार्यालयों में ताले क्यों लगाए गए? अधिकारी और कर्मचारी जांच के समय कार्यालय छोड़कर क्यों चले गए? इन सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
हालांकि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित पत्रकारों और ठेकेदारों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

नगर पालिका जांच में हंगामा: रिकॉर्ड पर ताला, बाबू गायब, ईओ पर गंभीर आरोप; कथित 'विज्ञापन समर्थित' पत्रकारों की भूमिका पर भी उठे सवाल #जालौ‌न उरई। नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच टीम के पहुंचते ही आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के बजाय कार्यालयों में ताले लटकने लगे, कई बाबू और अधिकारी कथित रूप से कार्यालय छोड़कर चले गए तथा जांच प्रक्रिया बाधित होने के आरोप लगे। जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने स्वयं मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उन्हें कथित रूप से रिश्वत देने की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने सिरे से ठुकरा दिया। इसके साथ ही रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग न करने के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि कुछ कथित पत्रकार, जिन्हें नगर पालिका से विज्ञापन मिलने की बात कही जा रही है, जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय अधिशासी अधिकारी के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। आरोप है कि इन लोगों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) की भावना की अनदेखी की और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 74 के अंतर्गत सार्वजनिक अभिलेखों की उपलब्धता और पारदर्शिता के सिद्धांतों की भी अनदेखी की। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ ठेकेदार अधिशासी अधिकारी के बचाव में सक्रिय दिखाई दिए और शिकायत करने वाले सभासदों पर दबाव बनाने तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिन सभासदों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन की शिकायत की, उन्हीं को निशाना बनाया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अभिलेखों में कोई अनियमितता नहीं थी तो रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से परहेज क्यों किया गया? कार्यालयों में ताले क्यों लगाए गए? अधिकारी और कर्मचारी जांच के समय कार्यालय छोड़कर क्यों चले गए? इन सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। हालांकि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित पत्रकारों और ठेकेदारों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

Orai, Jalaun | Jul 29, 2026

नगर पालिका जांच में हंगामा: रिकॉर्ड पर ताला, बाबू गायब, ईओ पर गंभीर आरोप; कथित 'विज्ञापन समर्थित' पत्रकारों की भूमिका पर भी उठे सवाल

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उरई। नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच टीम के पहुंचते ही आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के बजाय कार्यालयों में ताले लटकने लगे, कई बाबू और अधिकारी कथित रूप से कार्यालय छोड़कर चले गए तथा जांच प्रक्रिया बाधित होने के आरोप लगे।
जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने स्वयं मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उन्हें कथित रूप से रिश्वत देने की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने सिरे से ठुकरा दिया। इसके साथ ही रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग न करने के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि कुछ कथित पत्रकार, जिन्हें नगर पालिका से विज्ञापन मिलने की बात कही जा रही है, जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय अधिशासी अधिकारी के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। आरोप है कि इन लोगों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) की भावना की अनदेखी की और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 74 के अंतर्गत सार्वजनिक अभिलेखों की उपलब्धता और पारदर्शिता के सिद्धांतों की भी अनदेखी की।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ ठेकेदार अधिशासी अधिकारी के बचाव में सक्रिय दिखाई दिए और शिकायत करने वाले सभासदों पर दबाव बनाने तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिन सभासदों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन की शिकायत की, उन्हीं को निशाना बनाया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अभिलेखों में कोई अनियमितता नहीं थी तो रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से परहेज क्यों किया गया? कार्यालयों में ताले क्यों लगाए गए? अधिकारी और कर्मचारी जांच के समय कार्यालय छोड़कर क्यों चले गए? इन सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
हालांकि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित पत्रकारों और ठेकेदारों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

नगर पालिका जांच में हंगामा: रिकॉर्ड पर ताला, बाबू गायब, ईओ पर गंभीर आरोप; कथित 'विज्ञापन समर्थित' पत्रकारों की भूमिका पर भी उठे सवाल #उरई #जालौन #कोंच #ललितपुर #वायरल #highlights #orainews #भारतीयलोकतंत्र #योगीमोदीजयश्रीरामदेखरहे #लोकतंत्रकीहत्या #ठैकेदारोकाराज #चोरचोरमौसेरेभाई #नईदिल्ली #dmjalaun #GenZ #प्रमुखसचिवयूपी #नगरविकासविभागलखनऊ उरई। नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच टीम के पहुंचते ही आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के बजाय कार्यालयों में ताले लटकने लगे, कई बाबू और अधिकारी कथित रूप से कार्यालय छोड़कर चले गए तथा जांच प्रक्रिया बाधित होने के आरोप लगे। जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने स्वयं मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उन्हें कथित रूप से रिश्वत देने की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने सिरे से ठुकरा दिया। इसके साथ ही रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग न करने के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि कुछ कथित पत्रकार, जिन्हें नगर पालिका से विज्ञापन मिलने की बात कही जा रही है, जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय अधिशासी अधिकारी के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। आरोप है कि इन लोगों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) की भावना की अनदेखी की और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 74 के अंतर्गत सार्वजनिक अभिलेखों की उपलब्धता और पारदर्शिता के सिद्धांतों की भी अनदेखी की। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ ठेकेदार अधिशासी अधिकारी के बचाव में सक्रिय दिखाई दिए और शिकायत करने वाले सभासदों पर दबाव बनाने तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिन सभासदों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन की शिकायत की, उन्हीं को निशाना बनाया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अभिलेखों में कोई अनियमितता नहीं थी तो रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से परहेज क्यों किया गया? कार्यालयों में ताले क्यों लगाए गए? अधिकारी और कर्मचारी जांच के समय कार्यालय छोड़कर क्यों चले गए? इन सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। हालांकि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित पत्रकारों और ठेकेदारों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

Orai, Jalaun | Jul 29, 2026

यह तीखी बहस देखे  

आई ए एस बनने के लिए यूपीएससी निकालनी पड़ती

ये महोदय देखो तनक शर्म है 

#जालौन #उरई

जिलाधिकारी जी बाईट देकर मामला का पटापेक्ष क्यो नही कर देते

उरई का  भी मजाक बन रहा

यह तीखी बहस देखे आई ए एस बनने के लिए यूपीएससी निकालनी पड़ती ये महोदय देखो तनक शर्म है #जालौन #उरई जिलाधिकारी जी बाईट देकर मामला का पटापेक्ष क्यो नही कर देते उरई का भी मजाक बन रहा

Orai, Jalaun | Jul 29, 2026

नदीगांव पुलिस की बड़ी सफलता, हत्या की घटना का अनावरण कर प्रकाश में आए अभियुक्त को दबोचा

हत्या कांड का पुलिस ने किया सफल खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार: एसपी जालौन

जितेंद्र गुप्ता ✍️। जालौन 

जालौन के थाना नदीगांव पुलिस ने हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए मामले में प्रकाश में आए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जालौन ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगातार साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। प्रभावी विवेचना एवं सटीक पुलिस कार्रवाई के परिणामस्वरूप अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने हत्या के मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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नदीगांव पुलिस की बड़ी सफलता, हत्या की घटना का अनावरण कर प्रकाश में आए अभियुक्त को दबोचा हत्या कांड का पुलिस ने किया सफल खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार: एसपी जालौन जितेंद्र गुप्ता ✍️। जालौन जालौन के थाना नदीगांव पुलिस ने हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए मामले में प्रकाश में आए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जालौन ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगातार साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। प्रभावी विवेचना एवं सटीक पुलिस कार्रवाई के परिणामस्वरूप अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने हत्या के मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। #orai #jalaun #jalaunnews #Spjalaun #up92 #JalaunPolice #uppolice #nadigaon

Orai, Jalaun | Jul 29, 2026

जिला कारागार पहुंचे डीएम और एसपी, व्यवस्थाओं का किया व्यापक निरीक्षण

उरई (जालौन)। मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जिला कारागार का औचक दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को मिल रही सुविधाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना रहा।

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने बैरकों, रसोईघर, जेल चिकित्सालय, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा जेल परिसर में साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखा जाए।

वहीं पुलिस अधीक्षक ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार, निगरानी प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य, जेलर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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जिला कारागार पहुंचे डीएम और एसपी, व्यवस्थाओं का किया व्यापक निरीक्षण उरई (जालौन)। मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जिला कारागार का औचक दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को मिल रही सुविधाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना रहा। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने बैरकों, रसोईघर, जेल चिकित्सालय, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा जेल परिसर में साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखा जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार, निगरानी प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य, जेलर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। #orai #jalaun #konch #kalpi #madhaugadh

Orai, Jalaun | Jul 28, 2026