डीडवाना नगर परिषद में बिजली का खुला दुरुपयोग: चैंबर से नदारद रहे आयुक्त, घंटों चलता रहा एसी और पंखा
एक तरफ ऊर्जा संरक्षण के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर में ही नियमों की उड़ी धज्जियां
डीडवाना।सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के सदुपयोग और बिजली की बचत को लेकर सरकार भले ही गंभीर दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ऐसा ही बिजली के भारी दुरुपयोग का एक ताजा मामला डीडवाना नगर परिषद कार्यालय में देखने को मिला है, जहां जिम्मेदार अधिकारी की गैर-मौजूदगी में बिजली पानी की तरह बहाई जा रही थी।नगर परिषद आयुक्त के मुख्य कार्यालय (चैंबर) में अधिकारी के मौजूद न होने के बावजूद एयर कंडीशनर (एसी), पंखे और लाइटें धड़ल्ले से चालू पायी गईं। हैरानी की बात यह है कि जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो आयुक्त अपनी सीट पर नहीं थे। टीम करीब एक घंटे तक कार्यालय परिसर में मौजूद रही। इस पूरी अवधि के दौरान और टीम के वहां से रवाना होने के बाद भी चैंबर में एसी और बिजली के अन्य उपकरण लगातार चलते रहे।कमिश्नर चैंबर में बिना किसी इंसान के चल रहे इन उपकरणों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही किस हद तक हावी है। एक तरफ जहां आम जनता को बिजली की बूंद-बूंद बचाने और अनावश्यक उपकरण बंद रखने की नसीहतें दी जाती हैं, वहीं नगर परिषद जैसी जिम्मेदार संस्था के मुखिया के दफ्तर में ही नियमों को ठेंगे पर रखा जा रहा है।सरकारी दफ्तरों में होने वाली इस फिजूलखर्ची का बोझ आखिरकार जनता के टैक्स की कमाई पर ही पड़ता है। जब प्रशासनिक अधिकारी खुद अपनी सीट पर मौजूद न होने पर दफ्तर की लाइट-एसी बंद करने की सामान्य शिष्टता नहीं दिखाते, तो मातहत कर्मचारियों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?स्थानीय जागरूक नागरिकों का कहना है कि बिजली के इस तरह के खुले दुरुपयोग पर जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026