महाराजा अग्रसेन चौक के नवनिर्माण में देरी पर भडक़ा वेटरन संगठन भिवानी, अढ़ाई साल से अधूरा पड़ा है काम
वेटरन संगठन ने बार-बार चौक को तोडऩे और फिर बनाने का दिखावा करने का लगाया आरोप, सरकार व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
भिवानी के लोगों की आस्था और भावनाओं से खिलवाड़ कर रही भाजपा सरकार : सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला
भिवानी, 29 अक्टूबर : भिवानी शहर के रोहतक गेट पर स्थित महाराजा अग्रसेन चौक के नवनिर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर अब रोष बढऩे लगा है। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम चौकों में शामिल महाराजा अग्रसेन चौक का निर्माण कार्य पिछले अढ़ाई वर्षों से अधूरा पड़ा होने पर वेटरन संगठन भिवानी के प्रधान सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने भाजपा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं महाराजा अग्रसेन के प्रति लोगों की आस्था और भावनाओं को भी ठेस पहुंच रही है।
सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने कहा कि महाराजा अग्रसेन चौक केवल शहर का एक प्रमुख चौराहा नहीं है, बल्कि इससे हजारों लोगों की आस्था, श्रद्धा और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसके बावजूद चौक के नवनिर्माण का कार्य अढ़ाई वर्षों से पूरा नहीं हो पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराजा अग्रसेन चौक को बार-बार तोड़ा जा रहा है और फिर निर्माण के नाम पर दोबारा काम शुरू करने का दिखावा किया जाता है। उनके अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि चौक के निर्माण कार्य को पूरा करने के बजाय बार-बार तोडऩे और बनाने की प्रक्रिया में ही समय और धन खर्च किया जा रहा है। सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने कहा कि रोहतक गेट पर स्थित महाराजा अग्रसेन चौक भिवानी के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम चौकों में से एक है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में चौक के नवनिर्माण कार्य में लगातार देरी होने से न केवल शहर के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण स्थान का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा, तो अन्य विकास कार्यों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति उन दावों की वास्तविकता सामने ला रही है। महाराजा अग्रसेन चौक का अधूरा निर्माण इस बात का उदाहरण है कि महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को केवल घोषणाएं और आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर पूरा होता हुआ विकास चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन चौक का नवनिर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि शहरवासियों को राहत मिले और लोगों की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण स्थल को सम्मानजनक स्वरूप मिल सके।