बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा एवं राहत राज्य सरकार की सर्वोच्च
प्राथमिकता : डॉ प्रमोद कुमार माननीय मंत्री खान एवं भूतत्व विभाग सह- कला एवं संस्कृति विभाग बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री कटिहार जिला*
कटिहार,11 सितंबर 2026 शुक्रवार ।
*कटिहार के 05 बाढ़ प्रभावित अंचलों की उच्चस्तरीय समीक्षा*
*अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश*
*कुल पांच अंचलों के 58 ग्राम पंचायत के 536 गांव एवं चार नगर पंचायत के 40 वार्डों के लोक प्रभावित। प्रभावित जनसंख्या 6 लाख 23 हजार 732 प्रभावित परिवार की संख्या1,35,154*
*354 सामुदायिक रसोइयों, प्रमुख राहत शिविरों के माध्यम से राहत कार्य जारी। 37836 नग पॉलिथीन शीट्स वितरित; मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए मेडिकल टीमें क्षेत्र में तैनात*
*कटिहार के प्रभारी मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने आज कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति तथा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।*
समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।
माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा एवं उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता समय पर पहुँचे तथा विशेष रूप से दूरस्थ एवं जलमग्न क्षेत्रों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए।
जिला पदाधिकारी कटिहार आशुतोष द्विवेदी ने समीक्षात्मक बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि कटिहार जिले के 05 अंचलों के 58 ग्राम पंचायत के 535 गाँवों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में लगभग 6,32,732 प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
* *सुरक्षित निष्क्रमण एवं नावों का परिचालन**
जलस्तर में वृद्धि के कारण संवेदनशील एवं जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निष्क्रमित कर राहत केंद्रों तक पहुँचाया गया है।
सुदूर एवं जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 131 नावों का परिचालन किया जा रहा है।
* *सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविरों के माध्यम से भोजन की व्यवस्था**
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की कोई समस्या न हो, इसके लिए जिले में 354 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 13,98,257 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
माननीय मंत्री महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोइयों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे।
**राहत सामग्री का वितरण* *
बैठक में अपर समाहर्ता आपदा ने जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 37,835 नग पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया गया है।
माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि जिन क्षेत्रों में तत्काल सामुदायिक रसोई की सुविधा पहुँचाना कठिन है, वहाँ भी प्रभावित परिवारों को भोजन की पर्याप्त व्यवस्था मिल सके।
*पशुओं के लिए चारा एवं पशु चिकित्सा की व्यवस्था*
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए मंत्री महोदय ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने एवं उसके नियमित वितरण के निर्देश दिए। पशुपालकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने को भी कहा गया।
अपर समाहर्ता आपदा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 6 पशु चिकित्सा शिविर एवं 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। इनके माध्यम से अब तक 2662 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है।
*स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान*
बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में 154 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अब तक 11692 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।04 वोट एंबुलेंस के जरिए भी सक्रिय होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लोगों का इलाज किया जा रहा है
माननीय मंत्री महोदय ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरती जाए। प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा एवं आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की इस कठिन घड़ी में प्रभावित नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,
कटिहार।
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Katihar, Bihar | Sep 11, 2026