धक्के के सहारे स्टार्ट हुई 108 एंबुलेंस, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल!! जोशीमठ क्षेत्र में आपातकालीन सेवा की बदहाल स्थिति पर लोगों ने जताई चिंता, एंबुलेंस की तत्काल तकनीकी जांच और मरम्मत की मांग!!
चमोली। पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों के बीच जोशीमठ क्षेत्र में 108 एंबुलेंस के धक्के के सहारे स्टार्ट होने का मामला सामने आया है। एंबुलेंस को धक्का लगाकर चालू किए जाने की स्थिति ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
108 एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य दुर्घटना, गंभीर बीमारी और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल अस्पताल तक पहुंचाना है। ऐसे में यदि आपातकालीन सेवा के लिए तैनात वाहन ही तकनीकी खामी के कारण समय पर स्टार्ट न हो पाए, तो मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी की आशंका बनी रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों में अस्पतालों की दूरी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण जीवनरक्षक सेवा है। इसलिए एंबुलेंस की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है। वाहन में खराबी के चलते यदि आपात स्थिति में सेवा प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेते हुए एंबुलेंस की तत्काल तकनीकी जांच कराने, आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन सेवा के लिए पूरी तरह फिट वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहाड़ों में स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं में वाहनों की तकनीकी खामियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।