भिवानी की जर्जर सडक़ों और जलभराव से फूटा लोगों का गुस्सा
शहर के घंटाघर-सराय चौपटा सहित विभिन्न मुख्यय चौराहों पर गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता : भगवानदास कालिया
अधिकारी कागजों में भेज रहे फर्जी रिपोर्ट, ग्रांट का नहीं हो रहा सही इस्तेमाल : भगवानदास कालिया
भिवानी, 02 अक्तूबर : भिवानी शहर की जर्जर सडक़ों और सीवर व्यवस्था के कारण लगातार हो रहे जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय घंटाघर, सराय चौपटा, रोहतक गेट, बिचला बाजार, जैन चौक और ढाणा रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सडक़ों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही सडक़ों पर पानी भर जाता है और आए दिन ई-रिक्शा पलटने से लोग घायल हो रहे हैं। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से नगर परिषद के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन केवल लीपापोती की जाती है और कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा रहा। इस मुद्दे पर भाजपा मजदूर प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक भगवानदास कालिया ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
इस मौके पर भगवानदास कालिया ने कहा कि पिछले डेढ़-दो साल से उनका अभियान चल रहा है, जिसमें शहर की पानी, सीवर और घंटाघर से तोशाम रोड, हांसी गेट से तिगड़ाना मोड़, घंटाघर से दादरी गेट, बिचला बाजार, जैन चौक, ढाणा रोड, सराय चौपटा, दिनोद गेट से पुरानी अनाज मंडी, दिनोद चौकी और गौशाला चौपटा की खस्ताहाल सडक़ों के सुधार की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि शहर की सभी सडक़ें बैठी हुई हैं। इस बारे में उनके द्वारा सांसद, विधायक, डीसी, एसडीएम और सीटीएम सभी अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, परंतु अधिकारियों ने कोई गौर नहीं किया।
उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली और सीएम विंडो पर हुई फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शहर के विकास के लिए इतनी भारी-भरकम ग्रांट भेज रहे हैं कि हरियाणा में कहीं कोई समस्या न रहे। लेकिन कर्मचारी केवल कागजों में पूर्ति करके फर्जी रिपोर्ट भेज देते हैं कि शहर में कोई दिक्कत नहीं है। जब उनके द्वारा इसके विरोध में सीएम विंडो दर्ज कराई, तो अधिकारियों और कुछ भाजपा नेताओं की मिलीभगत से सीएम विंडो की बैठक में बिना उनके या शहर के लोगों से बात किए, कागजों पर मुहर लगाकर उस शिकायत को बंद करवा दिया गया।
कालिया ने चेतावनी देते हुए मांग की कि सरकार को बदनाम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों या पार्टी से जुड़े ऐसे लोगों पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई कर उन्हें बाहर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कागजी हेराफेरी बंद कर सडक़ों का स्थाई निर्माण और समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे इस जनसमस्या को लेकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर व्यापारी अतुल रोहिल्ला, सुरेश, कुसााल, दिलपत राय, शंकर, विकास, अंकित, अमन, रमेश, चांदराम, अमित, अशोक, आशीष, आशु सहित अनेक लोग मौजूद रहे।