रात के अंधेरे में पुलिस बल से कुड़ा उठवाकर आंदोलन कुचलने का प्रयास, 38 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार
कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भडक़ी विभिन्न यूनियनें, विधायक आवास का घेराव कर की नारेबाजी
कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान करने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही सरकार : कर्मचारी नेता
भिवानी, 23 अगस्त : 13 मई को हरियाणा सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने व अन्य लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का हड़ताल व प्रदर्शन रविवार को और अधिक उग्र हो गया। नगर परिषद के समक्ष चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के बीच प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों ने सडक़ों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया तथा स्थानीय विधायक आवास का घेराव किया। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने शनिवार देर रात करीब 2 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जबरन शहर से कचरा उठवाकर कर्मचारियों के लोकतांत्रिक संघर्ष को कमजोर करने की विफल कोशिश की। इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में रविवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने शहर में विशाल प्रदर्शन करते हुए विधायक आवास का रुख किया। विधायक के आवास पर न मिलने के बावजूद कर्मचारियों ने वहीं दो घंटे तक शांतिपूर्ण धरना दिया और नारेबाजी की। इसके बाद सभी कर्मचारी पुन: नगर परिषद स्थित अपने मुख्य धरना स्थल पर पहुंचे।
नगर परिषद के समक्ष जारी धरने की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान जय हिंद व फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान अजय श्योराण ने की, जबकि पूरे प्रदर्शन का कुशल नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य ने किया। धरने को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के नेताओं रोडवेज यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद, दलित अधिकार मंच से सुखदेव पालुवास, जनवादी महिला समिति से बिमला घणघस, रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ से मा. वजीर सिंह, राजबीर कादियान, नरेश शर्मा, सीआईटीयू से अनिल, अध्यापक संघ के राज्य संगठन सचिव सुखदर्शन सरोहा, शिक्षा बोर्ड से अशोक पिलानिया, प्रधान सत्यवीर स्वामी, सचिव जोगेंद्र पिलानिया ने सरकार की हठधर्मिता की कड़े शब्दों में निंदा की।
इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि शनिवार रात लगभग 2 बजे करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी शहर के मुख्य कचरा पॉइंटों से कूड़ा उठाने पहुंचे। इसकी भनक लगते ही सफाई कर्मचारी व विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि मौके पर एकत्र हो गए। आरोप है कि अधिकारियों ने मौके पर तनावपूर्ण माहौल बनाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने अत्यधिक धैर्य का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी गिरफ्तारियां दीं। पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को बसों में भरकर पहले तोशाम थाना ले जाया गया और फिर बवानीखेड़ा होते हुए रविवार सुबह 7 बजे भिवानी लाकर छोड़ा गया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साए में महज तीन-चार ट्रॉली कूड़ा उठाने का दिखावा किया है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कुल 38 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें महिलाएं बाला, रेखा सहित और पुरुष कॉमरेड ओमप्रकाश, धर्मवीर सिंह भाटी, अशोक गोयत, अजय श्योराण, पुरुषोत्तम दानव, जयहिंद, प्रवीण, काली सहित अन्य आदि शामिल थे। बाद में इनमें से कई पदाधिकारियों को छोड़ दिया गया, जबकि हरियाणा में कुछ जगहों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान करने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है। सरकार और मंत्री लगातार भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। यदि सरकार 13 मई को हुए समझौते का पत्र जारी कर देती है, तो हमारे सफाई सैनिक तुरंत शहर को चमका देंगे। हमें वार्ता का कोई शौक नहीं है, केवल वादे पर अमल चाहिए। नेताओं ने दोहराया कि यह लड़ाई केवल नगर पालिका या अग्निशमन कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों के अधिकारों की साझा लड़ाई है, जिसमें ये दोनों संगठन इंजन की भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने आगामी 26 अगस्त को होने वाले जिलास्तरीय प्रदर्शनों को और अधिक मजबूत करने तथा सरकार की जनविरोधी व कर्मचारी-विरोधी नीतियों का डटकर विरोध करने का आह्वान किया।