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वार्ड न 4 में पूर्व बीजेपी पार्षद, न्यू और कांग्रेस पार्षद में टक्कर, किसकी बचेगी साख किसकी कटेगी ना+क

Panchkula, Panchkula | Apr 27, 2026

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Panchkula, Panchkula | Jun 2, 2026

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 2

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता* पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 2

Panchkula, Panchkula | Jun 2, 2026

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 1

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता* पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 1

Panchkula, Panchkula | Jun 2, 2026

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 3

*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता* पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 3

Panchkula, Panchkula | Jun 2, 2026

देख तेरे बागों की हालत...क्या हो गई सरकार...क्या अब रहा नहीं कोई सरोकार ?              

     प्रस्तुति - कमल कलसी/एस०के० जैन-

                  हरियाणा की शान कहे जाने वाले शिवालिक पहाड़ियों की गोद में बसे, खूबसूरत शहर पंचकूला के सेक्टर-20, में बने एक बड़े व्यापारिक केंद्र (COMMERCIAL HUB) जो की पॉच खण्डों में बना हुआ है, में सड़क किनारे पार्किंग के साथ लगते तीन बागों (GREEN BELTS) जिनका क्षेत्रफल करीब 4500 वर्ग मीटर है, की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें खस्ताहाल कहना भी मुनासिब नहीं होगा। प्रशासन की अनदेखी के चलते इस प्रकार शहर की ग्रीन बेल्टस खत्म होती गई तो शहर के वातावरण में से प्राणवायु यानि ऑषजन, की भारी कमी हो जाएगी।       

              बागों के चारों ओर लगी लोहे की रेलिंग टूट चुकी है और कहीं-कहीं तो गायब ही है। अब इन्हें बाग कहना भी बाग शब्द का अपमान होगा क्योंकि कहीं भी घास का नामों - निशां तक नहीं बचा है और ना ही बैठने की कोई जगह नजर आती है। यहाँ बने शोरूमों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी वगैरा लंच के समय एवं बाजारों में खरीदारी करने के लिए आए बुजुर्ग महिलाएं व बच्चे कुछ देर सुस्ताने के लिए इन बागों में बैठ जाया करते थे।                           
                 
               कूड़े के ढेर बाग के अन्दर कई जगहें दिखाई देते हैं।स्टेनलेस स्टील के डिब्बे (DUST BINS) टूट फूट चुके हैं और गिरे पड़े हैं।कुछ दिनों के बाद ये यहां से गायब भी हो जाएंगे।आसपास खड़े रेहड़ी फड़ी वालों ने अपना - अपना सामान बागों के अन्दर रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए कोई सुनिश्चित जगह न होने के कारण, पैदल चलने के लिए बनाई गई पटरियों पर भी उनका अतिक्रमण देखा जा सकता है। इसके चलते गाड़ियों को पार्क करने में भी असुविधा होती है। कुछ लोगों ने तो गाड़ियों को भी बागों के अन्दर पार्क किया हुआ है। कई जगह तो अनाधिकृत लोहे के फ्रेम स्ट्रक्चर भी बने हुए हैं। वैसे तो कानून को अंधा कहा जाता है। लेकिन क्या कानून को लागू करवाने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की भी आंखों में मोतियाबिंद आ चुका है ?               
           
           इस प्रकार जनता द्वारा दिए गए पैसे की बर्बादी क्या न्यायसंगत है ? सवाल तो उठेंगे ही। जिम्मेदार कर्मचारियों, अधिकारियों, शहर के मेयर, नगर निगम कमिश्नर व शहर के "पितामह" को तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है, ऐसा यहां आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों का कहना है। अब आगे देखना यह है कि प्रशासन की कुंभकर्णी नींद कब खुलेगी ?

देख तेरे बागों की हालत...क्या हो गई सरकार...क्या अब रहा नहीं कोई सरोकार ? प्रस्तुति - कमल कलसी/एस०के० जैन- हरियाणा की शान कहे जाने वाले शिवालिक पहाड़ियों की गोद में बसे, खूबसूरत शहर पंचकूला के सेक्टर-20, में बने एक बड़े व्यापारिक केंद्र (COMMERCIAL HUB) जो की पॉच खण्डों में बना हुआ है, में सड़क किनारे पार्किंग के साथ लगते तीन बागों (GREEN BELTS) जिनका क्षेत्रफल करीब 4500 वर्ग मीटर है, की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें खस्ताहाल कहना भी मुनासिब नहीं होगा। प्रशासन की अनदेखी के चलते इस प्रकार शहर की ग्रीन बेल्टस खत्म होती गई तो शहर के वातावरण में से प्राणवायु यानि ऑषजन, की भारी कमी हो जाएगी। बागों के चारों ओर लगी लोहे की रेलिंग टूट चुकी है और कहीं-कहीं तो गायब ही है। अब इन्हें बाग कहना भी बाग शब्द का अपमान होगा क्योंकि कहीं भी घास का नामों - निशां तक नहीं बचा है और ना ही बैठने की कोई जगह नजर आती है। यहाँ बने शोरूमों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी वगैरा लंच के समय एवं बाजारों में खरीदारी करने के लिए आए बुजुर्ग महिलाएं व बच्चे कुछ देर सुस्ताने के लिए इन बागों में बैठ जाया करते थे। कूड़े के ढेर बाग के अन्दर कई जगहें दिखाई देते हैं।स्टेनलेस स्टील के डिब्बे (DUST BINS) टूट फूट चुके हैं और गिरे पड़े हैं।कुछ दिनों के बाद ये यहां से गायब भी हो जाएंगे।आसपास खड़े रेहड़ी फड़ी वालों ने अपना - अपना सामान बागों के अन्दर रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए कोई सुनिश्चित जगह न होने के कारण, पैदल चलने के लिए बनाई गई पटरियों पर भी उनका अतिक्रमण देखा जा सकता है। इसके चलते गाड़ियों को पार्क करने में भी असुविधा होती है। कुछ लोगों ने तो गाड़ियों को भी बागों के अन्दर पार्क किया हुआ है। कई जगह तो अनाधिकृत लोहे के फ्रेम स्ट्रक्चर भी बने हुए हैं। वैसे तो कानून को अंधा कहा जाता है। लेकिन क्या कानून को लागू करवाने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की भी आंखों में मोतियाबिंद आ चुका है ? इस प्रकार जनता द्वारा दिए गए पैसे की बर्बादी क्या न्यायसंगत है ? सवाल तो उठेंगे ही। जिम्मेदार कर्मचारियों, अधिकारियों, शहर के मेयर, नगर निगम कमिश्नर व शहर के "पितामह" को तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है, ऐसा यहां आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों का कहना है। अब आगे देखना यह है कि प्रशासन की कुंभकर्णी नींद कब खुलेगी ?

Panchkula, Panchkula | Jun 2, 2026