क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट समायोजित कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले 6 साइबर ठग गिरफ्तार।
कब्जा से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटोरोला वॉकी-टॉकी सेट, एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट समायोजन संबंधी स्क्रिप्ट के 2 पेज तथा क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं का विवरण वाले 4 पेज बरामद।
गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 2 जुलाई । एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में एक शिकायत के माध्यम से बतलाया कि 5 मार्च को एक व्यक्ति ने स्वयं को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताकर कॉल की तथा क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट बकाया बिल में समायोजित करके छूट दिलाने का झांसा देकर उसके साथ ₹83,305 की साइबर ठगी कर ली। इस शिकायत पर थाना साइबर पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
थाना साइबर पश्चिम, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान 1. फरमान निवासी संगम विहार, पुष्पा भवन दिल्ली, 2. सत्य प्रकाश निवासी संगम विहार, हमदर्द नगर, पुष्पा भवन, थाना संगम विहार, दक्षिण दिल्ली, 3. नरेन्द्र सिंह निवासी संगम विहार, हमदर्द नगर, रतिया मार्ग, दिल्ली, उम्र 34 वर्ष, 4. अरविन्द कुमार निवासी सेवा नगर, कस्तूरबा नगर, लोदी रोड, नई दिल्ली, हाल निवासी लक्ष्मी बाई नगर, दिल्ली, उम्र 26 वर्ष, 5. विनोद निवासी संगम विहार, दिल्ली व 6. आसिफ निवासी ओखला फेज-2, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया, सीएनजी पंप के पास, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी फरमान व सत्य प्रकाश को 28 जून को संगम विहार, दिल्ली से तथा आरोपी नरेंद्र,अरविंद, विनोद व आसिफ को 30 जून को गोविंदपुर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच व पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी सत्यप्रकाश से सिम जारी करने वाला पीओएस एजेंट है। आरोपी फरमान ने आरोपी सत्यप्रकाश से अपने नाम (फरमान) से एक सिम जारी कराई और उस सिम को कमीशन लेकर आरोपी सत्यप्रकाश को भेज दिया तथा आरोपी सत्यप्रकाश ने वह सिम अपने उपरोक्त साथियों को दे दी, जिसका प्रयोग करके आरोपी नरेंद्र, अरविंद, विनोद व आसिफ स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करके ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटोरोला वॉकी-टॉकी सेट, एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट समायोजन संबंधी स्क्रिप्ट के 2 पेज तथा क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं का विवरण वाले 4 पेज बरामद किए हैं।
पुलिस आरोपियों से इस मामले सहित अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों में उनकी संलिप्तता के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। मामले का अनुसंधान जारी है।