जीरकपुर से उत्तराखंड तक गूंजेगा ‘धरती बचाओ’ का नारा, चौथी विशाल नगर कीर्तन यात्रा शुरू
बाबा मनजीत सिंह की अगुवाई में चार दिवसीय विशाल नगर कीर्तन यात्रा हुई शुरू
जीरकपुर (राकेश गांधी)
पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को जीरकपुर से चौथी विशाल ‘धरती बचाओ यात्रा’ का आगाज हुआ। बाबा मनजीत सिंह श्री गंगा नर्सरी वालों की अगुवाई में शुरू हुई यह चार दिवसीय नगर कीर्तन यात्रा जीरकपुर से उत्तराखंड तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान संगत को गुरु नानक देव जी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेश से जोड़ने के साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यात्रा 20 अक्टूबर की रात जीरकपुर में संपन्न होगी।
बुंगा माता गंगा साहिब जी, जीरकपुर और संगत के सहयोग से आयोजित यह यात्रा जीरकपुर से शुरू होकर डेराबस्सी, लालड़ू, सरसीणी, बलटाना, हंडेसरा समेत विभिन्न गांवों और शहरों से होते हुए देहरादून पहुंचेगी। 18 अक्टूबर को विभिन्न धार्मिक स्थलों से होते हुए यात्रा गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब पहुंचेगी। इसके बाद 19 और 20 अक्टूबर को उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर संगत की ओर से यात्रा का स्वागत किया जाएगा और धार्मिक समागम आयोजित होंगे।
‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’ का संदेश घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य
यात्रा का मुख्य उद्देश्य गुरु नानक देव जी की पावन वाणी ‘पवनु गुरु पानी पिता माता धरत महत’ के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से लोगों को वायु, जल और धरती के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में जनभागीदारी जरूरी है।
धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान बाबा मनजीत सिंह ने विभिन्न नेताओं को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ से भाजपा नेता संजय टंडन, संजीव खन्ना, सुधीर कांतिवाल समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता संजीव खन्ना ने अधिक से अधिक लोगों से यात्रा से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए।
‘ग्रीन गंगा लहर’ के तहत बांटे जाएंगे पौधे
यात्रा के दौरान ‘ग्रीन गंगा लहर’ के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे भी वितरित किए जाएंगे। आयोजकों ने लोगों से पौधे लगाने, पानी बचाने और धरती को प्रदूषण से बचाने में योगदान देने की अपील की। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी है।