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चलानिया भैरू नाथ से शाहपुरा को रोड हो रहा क्षतिग्रस्त जगह-जगह हो रहे खड्डे शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक शाहपुरा-शाहपुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ जहा पर दूर-दराज से जातरी लोग अपनी पेशी देने व दर्शन करने आते है जिसकी सड़क शाहपुरा से चलानिया तक रास्ते मे जगह-जगह बहुत बड़े खड्डे हो रखे है और साईडे भी खराब हो रखी है जिसके कारण जातरियो को शनिवार-रविवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।यह लोग बहुत दूर-दूर से आते है और यहा पर आने-जाने के लिए पूरी तरह से कोई साधन की भी व्यवस्था नही है शनिवार की रात्रि व रविवार को सुबह गिनते के ऑटो रिक्शा चलते है जो भी सवारियां होने पर रास्ते मे एक-दो गाँव आते है उसका किराया भी चलानिया के हिसाब से लिया जाता है। अतः गाँव वालों का कहना है कि जल्द से जल्द इस सड़क को सही किया जाए व चलानिया भैरुनाथ के यहा साइडों की बहुत समस्या है यहा पर जो साधन आते-जाते है तो उनको अपनी गाड़ी को गुमाने व साईड लेने के लिए पर्याप्त जगह नही मिल पाती है इसके लिए भी थोड़ा ध्यान दिया जाए नही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 11, 2026

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चलानिया भैरू नाथ से शाहपुरा को रोड हो रहा क्षतिग्रस्त जगह-जगह हो रहे खड्डे

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा-शाहपुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ जहा पर दूर-दराज से जातरी लोग अपनी पेशी देने व दर्शन करने आते है जिसकी सड़क शाहपुरा से चलानिया तक रास्ते मे जगह-जगह बहुत बड़े खड्डे हो रखे है और साईडे भी खराब हो रखी है जिसके कारण जातरियो को शनिवार-रविवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।यह लोग बहुत दूर-दूर से आते है और यहा पर आने-जाने के लिए पूरी तरह से कोई साधन की भी व्यवस्था नही है शनिवार की रात्रि व रविवार को सुबह गिनते के ऑटो रिक्शा चलते है जो भी सवारियां होने पर रास्ते मे एक-दो गाँव आते है उसका किराया भी चलानिया के हिसाब से लिया जाता है।
अतः गाँव वालों का कहना है कि जल्द से जल्द इस सड़क को  सही किया जाए व चलानिया भैरुनाथ के यहा साइडों की बहुत समस्या है यहा पर जो साधन आते-जाते है तो उनको अपनी गाड़ी को गुमाने व साईड लेने के लिए पर्याप्त जगह नही मिल पाती है इसके लिए भी थोड़ा ध्यान दिया जाए नही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

चलानिया भैरू नाथ से शाहपुरा को रोड हो रहा क्षतिग्रस्त जगह-जगह हो रहे खड्डे शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक शाहपुरा-शाहपुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ जहा पर दूर-दराज से जातरी लोग अपनी पेशी देने व दर्शन करने आते है जिसकी सड़क शाहपुरा से चलानिया तक रास्ते मे जगह-जगह बहुत बड़े खड्डे हो रखे है और साईडे भी खराब हो रखी है जिसके कारण जातरियो को शनिवार-रविवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।यह लोग बहुत दूर-दूर से आते है और यहा पर आने-जाने के लिए पूरी तरह से कोई साधन की भी व्यवस्था नही है शनिवार की रात्रि व रविवार को सुबह गिनते के ऑटो रिक्शा चलते है जो भी सवारियां होने पर रास्ते मे एक-दो गाँव आते है उसका किराया भी चलानिया के हिसाब से लिया जाता है। अतः गाँव वालों का कहना है कि जल्द से जल्द इस सड़क को सही किया जाए व चलानिया भैरुनाथ के यहा साइडों की बहुत समस्या है यहा पर जो साधन आते-जाते है तो उनको अपनी गाड़ी को गुमाने व साईड लेने के लिए पर्याप्त जगह नही मिल पाती है इसके लिए भी थोड़ा ध्यान दिया जाए नही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 11, 2026

अयोध्या नगरी चौक सीसी सड़क निर्माण की रफ्तार तेज

विधायक कोठारी के निर्देश पर जल्दी पूर्ण होगा निर्माण कार्य

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 11 जुलाई                                             भीमगंज थाना से हिंदू महासभा कार्यालय, अयोध्या नगरी चौक तक निर्माणाधीन सीसी सड़क का कार्य अब तेजी से प्रगति पर है। क्षेत्र में लंबे समय से सड़क निर्माण में हुई देरी को लेकर कार्य लंबित था।
जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण में हुई देरी का मुख्य कारण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की ट्यूबवेल पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना रहा। पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर नई पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु किया। इस आवश्यक कार्य के पूर्ण होने के बाद अब सीसी सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
अयोध्या नगरी चौक स्थित हिंदू महासभा कार्यालय के सामने का सीसी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार आगामी एक सप्ताह में संपूर्ण मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण भी कराया जाएगा।
स्थानीय विधायक अशोक कुमार कोठारी ने निर्देश दिए हैं कि मार्ग की पूरी चौड़ाई का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। दुकानों के सामने आवश्यक सीढ़ियों का निर्माण होने के बाद शेष नालियों पर मजबूत फेश कवर लगाए जाएंगे, ताकि मार्ग सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आकर्षक मॉडल रोड के रूप में विकसित हो सके।
संपूर्ण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग विधायक टीम के सदस्य संजय राठी, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, सत्यनारायण गुग्गड द्वारा की जा रही है। व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा होने से आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र को स्थायी राहत मिलेगी।

अयोध्या नगरी चौक सीसी सड़क निर्माण की रफ्तार तेज विधायक कोठारी के निर्देश पर जल्दी पूर्ण होगा निर्माण कार्य भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 11 जुलाई भीमगंज थाना से हिंदू महासभा कार्यालय, अयोध्या नगरी चौक तक निर्माणाधीन सीसी सड़क का कार्य अब तेजी से प्रगति पर है। क्षेत्र में लंबे समय से सड़क निर्माण में हुई देरी को लेकर कार्य लंबित था। जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण में हुई देरी का मुख्य कारण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की ट्यूबवेल पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना रहा। पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर नई पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु किया। इस आवश्यक कार्य के पूर्ण होने के बाद अब सीसी सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अयोध्या नगरी चौक स्थित हिंदू महासभा कार्यालय के सामने का सीसी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार आगामी एक सप्ताह में संपूर्ण मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण भी कराया जाएगा। स्थानीय विधायक अशोक कुमार कोठारी ने निर्देश दिए हैं कि मार्ग की पूरी चौड़ाई का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। दुकानों के सामने आवश्यक सीढ़ियों का निर्माण होने के बाद शेष नालियों पर मजबूत फेश कवर लगाए जाएंगे, ताकि मार्ग सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आकर्षक मॉडल रोड के रूप में विकसित हो सके। संपूर्ण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग विधायक टीम के सदस्य संजय राठी, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, सत्यनारायण गुग्गड द्वारा की जा रही है। व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा होने से आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र को स्थायी राहत मिलेगी।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 11, 2026

21 वीं सदी के कौशल-स्वजागरुता का आयोजन

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए "जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)" विषय पर "मेरा परिचय"  एवं मेरा व्यक्तित्व परिक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्व-जागरूकता (Self-Awareness) विकसित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं, रुचियों एवं विशेषताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी महोदया के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। यदि हम स्वयं को पहचान लें और अपनी खूबियों को विकसित करें तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इसके पश्चात सभी छात्राओं को एक गतिविधि पत्र (वर्कशीट) प्रदान की गई, जिसमें उन्हें अपनी 2–3 प्रमुख व्यक्तिगत खूबियाँ लिखने के लिए कहा गया। छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक, सामाजिक, रचनात्मक, खेलकूद, नेतृत्व, अनुशासन, सहयोग, समयपालन, ईमानदारी तथा अन्य सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। अनेक छात्राओं ने चित्रकला, गायन, नृत्य, भाषण, लेखन, खेलकूद, विज्ञान एवं गणित में अपनी रुचि एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
गतिविधि का संचालन
इसके बाद सभी छात्राओं को दो-दो के समूह में विभाजित किया गया। प्रत्येक छात्रा ने अपनी साथी के साथ अपनी-अपनी खूबियाँ साझा कीं तथा एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने का प्रयास किया। अगले चरण में छात्राओं ने पूरे सप्ताह अपनी साथी के व्यवहार का अवलोकन किया तथा उसमें दिखाई देने वाली किसी एक विशेष सकारात्मक आदत या गुण को समूह के सामने प्रस्तुत किया।
समूह चर्चा के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूसरों द्वारा अपनी अच्छी बातों की सराहना सुनकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा तथा स्वयं को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि से छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, संवाद कौशल तथा सहयोग की भावना का विकास हुआ।
शिक्षकों ने भी छात्राओं की सामान्य प्रशंसा करने के बजाय उनकी विशिष्ट खूबियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उदाहरणस्वरूप—"आप दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं", "आप समय की पाबंद हैं", "आप विद्यालय को स्वच्छ रखने में सहयोग करती हैं", "आप सभी के साथ विनम्र व्यवहार करती हैं" जैसी सकारात्मक टिप्पणियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। 
छात्राओं की सहभागिता
इस गतिविधि में कक्षा 6-12 7  की सभी छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए तथा अपने साथियों की विशेषताओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। इससे विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। कक्षा 12 की पलक कोली ने बहुत ही सुंदर अपने व्यक्तित्व का कौशल का वर्णन किया। कक्षा 8 की भूमिका कोली ने अपनी प्रस्तुति दी ,अपना परिचय दिया अपने गुण ,खूबियां रुचिया, आदि के बारे में जानकारी दी। बहुत सारी छात्राओं ने अपने अपने बारे में लिखकर के अपना परिचय दिया। इसमें कक्षा 6 से 12 की समस्त छात्राओं ने भाग लिया।
गतिविधि के दौरान छात्राओं में निम्नलिखित गुणों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला
• आत्मविश्वास में वृद्धि।
• स्वयं की क्षमताओं की पहचान।
• सकारात्मक सोच का विकास।
• प्रभावी संवाद एवं अभिव्यक्ति कौशल।
• सहयोग एवं टीम भावना।
• आत्मसम्मान एवं दूसरों के प्रति सम्मान की भावना।
• सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास।
"मेरा परिचय" गतिविधि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने स्वयं को बेहतर ढंग से समझा तथा दूसरों की विशेषताओं की सराहना करना सीखा। इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार एवं जीवन कौशल का प्रभावी विकास हुआ।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारीतबस्सुम द्वारा सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जीवनोपयोगी गतिविधियों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।

21 वीं सदी के कौशल-स्वजागरुता का आयोजन शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए "जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)" विषय पर "मेरा परिचय" एवं मेरा व्यक्तित्व परिक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्व-जागरूकता (Self-Awareness) विकसित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं, रुचियों एवं विशेषताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी महोदया के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। यदि हम स्वयं को पहचान लें और अपनी खूबियों को विकसित करें तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात सभी छात्राओं को एक गतिविधि पत्र (वर्कशीट) प्रदान की गई, जिसमें उन्हें अपनी 2–3 प्रमुख व्यक्तिगत खूबियाँ लिखने के लिए कहा गया। छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक, सामाजिक, रचनात्मक, खेलकूद, नेतृत्व, अनुशासन, सहयोग, समयपालन, ईमानदारी तथा अन्य सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। अनेक छात्राओं ने चित्रकला, गायन, नृत्य, भाषण, लेखन, खेलकूद, विज्ञान एवं गणित में अपनी रुचि एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। गतिविधि का संचालन इसके बाद सभी छात्राओं को दो-दो के समूह में विभाजित किया गया। प्रत्येक छात्रा ने अपनी साथी के साथ अपनी-अपनी खूबियाँ साझा कीं तथा एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने का प्रयास किया। अगले चरण में छात्राओं ने पूरे सप्ताह अपनी साथी के व्यवहार का अवलोकन किया तथा उसमें दिखाई देने वाली किसी एक विशेष सकारात्मक आदत या गुण को समूह के सामने प्रस्तुत किया। समूह चर्चा के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूसरों द्वारा अपनी अच्छी बातों की सराहना सुनकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा तथा स्वयं को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि से छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, संवाद कौशल तथा सहयोग की भावना का विकास हुआ। शिक्षकों ने भी छात्राओं की सामान्य प्रशंसा करने के बजाय उनकी विशिष्ट खूबियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उदाहरणस्वरूप—"आप दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं", "आप समय की पाबंद हैं", "आप विद्यालय को स्वच्छ रखने में सहयोग करती हैं", "आप सभी के साथ विनम्र व्यवहार करती हैं" जैसी सकारात्मक टिप्पणियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। छात्राओं की सहभागिता इस गतिविधि में कक्षा 6-12 7 की सभी छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए तथा अपने साथियों की विशेषताओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। इससे विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। कक्षा 12 की पलक कोली ने बहुत ही सुंदर अपने व्यक्तित्व का कौशल का वर्णन किया। कक्षा 8 की भूमिका कोली ने अपनी प्रस्तुति दी ,अपना परिचय दिया अपने गुण ,खूबियां रुचिया, आदि के बारे में जानकारी दी। बहुत सारी छात्राओं ने अपने अपने बारे में लिखकर के अपना परिचय दिया। इसमें कक्षा 6 से 12 की समस्त छात्राओं ने भाग लिया। गतिविधि के दौरान छात्राओं में निम्नलिखित गुणों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला • आत्मविश्वास में वृद्धि। • स्वयं की क्षमताओं की पहचान। • सकारात्मक सोच का विकास। • प्रभावी संवाद एवं अभिव्यक्ति कौशल। • सहयोग एवं टीम भावना। • आत्मसम्मान एवं दूसरों के प्रति सम्मान की भावना। • सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास। "मेरा परिचय" गतिविधि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने स्वयं को बेहतर ढंग से समझा तथा दूसरों की विशेषताओं की सराहना करना सीखा। इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार एवं जीवन कौशल का प्रभावी विकास हुआ। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारीतबस्सुम द्वारा सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जीवनोपयोगी गतिविधियों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 11, 2026

21 वीं सदी के कौशल-स्वजागरुता का आयोजन

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए "जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)" विषय पर "मेरा परिचय"  एवं मेरा व्यक्तित्व परिक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्व-जागरूकता (Self-Awareness) विकसित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं, रुचियों एवं विशेषताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी महोदया के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। यदि हम स्वयं को पहचान लें और अपनी खूबियों को विकसित करें तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इसके पश्चात सभी छात्राओं को एक गतिविधि पत्र (वर्कशीट) प्रदान की गई, जिसमें उन्हें अपनी 2–3 प्रमुख व्यक्तिगत खूबियाँ लिखने के लिए कहा गया। छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक, सामाजिक, रचनात्मक, खेलकूद, नेतृत्व, अनुशासन, सहयोग, समयपालन, ईमानदारी तथा अन्य सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। अनेक छात्राओं ने चित्रकला, गायन, नृत्य, भाषण, लेखन, खेलकूद, विज्ञान एवं गणित में अपनी रुचि एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
गतिविधि का संचालन
इसके बाद सभी छात्राओं को दो-दो के समूह में विभाजित किया गया। प्रत्येक छात्रा ने अपनी साथी के साथ अपनी-अपनी खूबियाँ साझा कीं तथा एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने का प्रयास किया। अगले चरण में छात्राओं ने पूरे सप्ताह अपनी साथी के व्यवहार का अवलोकन किया तथा उसमें दिखाई देने वाली किसी एक विशेष सकारात्मक आदत या गुण को समूह के सामने प्रस्तुत किया।
समूह चर्चा के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूसरों द्वारा अपनी अच्छी बातों की सराहना सुनकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा तथा स्वयं को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि से छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, संवाद कौशल तथा सहयोग की भावना का विकास हुआ।
शिक्षकों ने भी छात्राओं की सामान्य प्रशंसा करने के बजाय उनकी विशिष्ट खूबियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उदाहरणस्वरूप—"आप दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं", "आप समय की पाबंद हैं", "आप विद्यालय को स्वच्छ रखने में सहयोग करती हैं", "आप सभी के साथ विनम्र व्यवहार करती हैं" जैसी सकारात्मक टिप्पणियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। 
छात्राओं की सहभागिता
इस गतिविधि में कक्षा 6-12 7  की सभी छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए तथा अपने साथियों की विशेषताओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। इससे विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। कक्षा 12 की पलक कोली ने बहुत ही सुंदर अपने व्यक्तित्व का कौशल का वर्णन किया। कक्षा 8 की भूमिका कोली ने अपनी प्रस्तुति दी ,अपना परिचय दिया अपने गुण ,खूबियां रुचिया, आदि के बारे में जानकारी दी। बहुत सारी छात्राओं ने अपने अपने बारे में लिखकर के अपना परिचय दिया। इसमें कक्षा 6 से 12 की समस्त छात्राओं ने भाग लिया।
गतिविधि के दौरान छात्राओं में निम्नलिखित गुणों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला
• आत्मविश्वास में वृद्धि।
• स्वयं की क्षमताओं की पहचान।
• सकारात्मक सोच का विकास।
• प्रभावी संवाद एवं अभिव्यक्ति कौशल।
• सहयोग एवं टीम भावना।
• आत्मसम्मान एवं दूसरों के प्रति सम्मान की भावना।
• सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास।
"मेरा परिचय" गतिविधि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने स्वयं को बेहतर ढंग से समझा तथा दूसरों की विशेषताओं की सराहना करना सीखा। इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार एवं जीवन कौशल का प्रभावी विकास हुआ।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारीतबस्सुम द्वारा सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जीवनोपयोगी गतिविधियों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।

21 वीं सदी के कौशल-स्वजागरुता का आयोजन शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए "जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)" विषय पर "मेरा परिचय" एवं मेरा व्यक्तित्व परिक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्व-जागरूकता (Self-Awareness) विकसित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं, रुचियों एवं विशेषताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी महोदया के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। यदि हम स्वयं को पहचान लें और अपनी खूबियों को विकसित करें तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात सभी छात्राओं को एक गतिविधि पत्र (वर्कशीट) प्रदान की गई, जिसमें उन्हें अपनी 2–3 प्रमुख व्यक्तिगत खूबियाँ लिखने के लिए कहा गया। छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक, सामाजिक, रचनात्मक, खेलकूद, नेतृत्व, अनुशासन, सहयोग, समयपालन, ईमानदारी तथा अन्य सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। अनेक छात्राओं ने चित्रकला, गायन, नृत्य, भाषण, लेखन, खेलकूद, विज्ञान एवं गणित में अपनी रुचि एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। गतिविधि का संचालन इसके बाद सभी छात्राओं को दो-दो के समूह में विभाजित किया गया। प्रत्येक छात्रा ने अपनी साथी के साथ अपनी-अपनी खूबियाँ साझा कीं तथा एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने का प्रयास किया। अगले चरण में छात्राओं ने पूरे सप्ताह अपनी साथी के व्यवहार का अवलोकन किया तथा उसमें दिखाई देने वाली किसी एक विशेष सकारात्मक आदत या गुण को समूह के सामने प्रस्तुत किया। समूह चर्चा के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूसरों द्वारा अपनी अच्छी बातों की सराहना सुनकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा तथा स्वयं को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि से छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, संवाद कौशल तथा सहयोग की भावना का विकास हुआ। शिक्षकों ने भी छात्राओं की सामान्य प्रशंसा करने के बजाय उनकी विशिष्ट खूबियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उदाहरणस्वरूप—"आप दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं", "आप समय की पाबंद हैं", "आप विद्यालय को स्वच्छ रखने में सहयोग करती हैं", "आप सभी के साथ विनम्र व्यवहार करती हैं" जैसी सकारात्मक टिप्पणियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। छात्राओं की सहभागिता इस गतिविधि में कक्षा 6-12 7 की सभी छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए तथा अपने साथियों की विशेषताओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। इससे विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। कक्षा 12 की पलक कोली ने बहुत ही सुंदर अपने व्यक्तित्व का कौशल का वर्णन किया। कक्षा 8 की भूमिका कोली ने अपनी प्रस्तुति दी ,अपना परिचय दिया अपने गुण ,खूबियां रुचिया, आदि के बारे में जानकारी दी। बहुत सारी छात्राओं ने अपने अपने बारे में लिखकर के अपना परिचय दिया। इसमें कक्षा 6 से 12 की समस्त छात्राओं ने भाग लिया। गतिविधि के दौरान छात्राओं में निम्नलिखित गुणों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला • आत्मविश्वास में वृद्धि। • स्वयं की क्षमताओं की पहचान। • सकारात्मक सोच का विकास। • प्रभावी संवाद एवं अभिव्यक्ति कौशल। • सहयोग एवं टीम भावना। • आत्मसम्मान एवं दूसरों के प्रति सम्मान की भावना। • सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास। "मेरा परिचय" गतिविधि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने स्वयं को बेहतर ढंग से समझा तथा दूसरों की विशेषताओं की सराहना करना सीखा। इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार एवं जीवन कौशल का प्रभावी विकास हुआ। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारीतबस्सुम द्वारा सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जीवनोपयोगी गतिविधियों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 11, 2026

चलानिया भैरू नाथ से शाहपुरा को रोड हो रहा क्षतिग्रस्त जगह-जगह हो रहे खड्डे शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक शाहपुरा-शाहपुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ जहा पर दूर-दराज से जातरी लोग अपनी पेशी देने व दर्शन करने आते है जिसकी सड़क शाहपुरा से चलानिया तक रास्ते मे जगह-जगह बहुत बड़े खड्डे हो रखे है और साईडे भी खराब हो रखी है जिसके कारण जातरियो को शनिवार-रविवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।यह लोग बहुत दूर-दूर से आते है और यहा पर आने-जाने के लिए पूरी तरह से कोई साधन की भी व्यवस्था नही है शनिवार की रात्रि व रविवार को सुबह गिनते के ऑटो रिक्शा चलते है जो भी सवारियां होने पर रास्ते मे एक-दो गाँव आते है उसका किराया भी चलानिया के हिसाब से लिया जाता है। अतः गाँव वालों का कहना है कि जल्द से जल्द इस सड़क को सही किया जाए व चलानिया भैरुनाथ के यहा साइडों की बहुत समस्या है यहा पर जो साधन आते-जाते है तो उनको अपनी गाड़ी को गुमाने व साईड लेने के लिए पर्याप्त जगह नही मिल पाती है इसके लिए भी थोड़ा ध्यान दिया जाए नही तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। - Bhilwara News