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महिला आत्मनिर्भरता का उदाहरण बनीं ममता यादव : स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं 'लखपति दीदी' कभी सीमित संसाधनों और संकोच भरे जीवन में रहने वाली बुधनी तहसील के ग्राम पानगुराडिया की श्रीमती ममता यादव आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि यह भी साबित किया कि अवसर, सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर कोई भी महिला अपनी पहचान बना सकती है। करीब 38 वर्षीय ममता यादव ने वर्ष 2017 में आत्मनिर्भर बनने और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से देवांशी स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली। शुरुआत में उनके सामने आत्मविश्वास की कमी और जानकारी का अभाव जैसी चुनौतियां थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे समूह की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करने लगीं। समूह को प्राप्त 10 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) राशि तथा 1.50 लाख रुपये के सीआईएफ/सीसीएल ऋण के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को मजबूत आधार दिया। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 02 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहयोग का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव में साड़ी की दुकान शुरू की। व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन ममता ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज उनकी दुकान गांव और आसपास के क्षेत्रों में एक भरोसेमंद प्रतिष्ठान बन चुकी है। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की बिक्री होती है, जबकि वार्षिक टर्नओवर लगभग 3.60 लाख रुपये है। इतना ही नहीं, उनकी वार्षिक बचत 1.10 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। इस उपलब्धि के साथ वे 'लखपति दीदी' के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। ममता यादव की सफलता केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का भी उदाहरण है। आज वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़ने, स्वयं का रोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ममता यादव की प्रेरक यात्रा यह विश्वास जगाती है कि आत्मविश्वास, निरंतर सीखने की इच्छा और दृढ़ संकल्प के साथ उठाया गया हर छोटा कदम बड़ी सफलता का आधार बन सकता है। उनकी कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्य को साकार करती है और यह साबित करती है कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त वास्तविकता है। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

1 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jul 7, 2026

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• सफलता की कहानी

• सरकार की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का जीवंत उदाहरण है इछावर सिविल अस्पताल
 
• कायाकल्प योजना के तहत तीन बार पुरस्कृत हो चुका है इछावर सिविल अस्पताल
...................
 
               सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। सीहोर जिले के इछावर स्थित सिविल अस्पताल आज स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। यह अस्पताल न सिर्फ मरीजों के उपचार का केंद्र है, बल्कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का भी जीवंत उदाहरण है। यहां प्रतिदिन लगभग 400 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेने आते हैं, जिनमें से 20 से 30 मरीजों को भर्ती किया जाता है। खास बात यह है कि यहां प्रतिदिन औसतन 05 महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी कराई जाती है, जो महिला स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
 
   यह अस्पताल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान देता है। हर दिन 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की जाती है और 03 से 04 महिलाओं का ऑपरेशन भी सफलता पूर्वक संपन्न होता है। इसके अलावा अस्पताल ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए भी सक्रिय है, जहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीज अपनी जांच करवाने आते हैं। इस अस्पताल में लगभग 80 मरीजों की 200 पैथोलॉजिकल जांच प्रतिदिन की जाती हैं, जो इस अस्पताल की तकनीकी दक्षता और संसाधनों की उपलब्धता को प्रमाणित करता है।
 
   इछावर सिविल अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में भी राज्य में अग्रणी स्थान पर है। इस अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 नए मरीज इसका लाभ ले रहे हैं। एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी यहां निरंतर उपलब्ध हैं, जहां प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों का परीक्षण किया जाता है। अस्पताल को उसके समर्पित कार्यों के लिए राज्य सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18,  2018-19 और 2020-21 में तीन बार प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। इन पुरस्कारों के साथ 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई, जो इसके उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।
 
   यह भी गर्व की बात है कि सिविल अस्पताल इछावर को आईएसओ प्रमाणन प्राप्त है और यह लक्ष्य सर्टिफाइड संस्थान भी है, जो प्रसव सेवाओं में मानकों के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित करता है। आज यह अस्पताल सिर्फ इलाज का स्थान नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सेवा और उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। यह सफलता न केवल अस्पताल की मेहनत का परिणाम है, बल्कि सरकार की योजनाओं के प्रभावशाली क्रियान्वयन का भी जीता-जागता उदाहरण है।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• सफलता की कहानी • सरकार की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का जीवंत उदाहरण है इछावर सिविल अस्पताल • कायाकल्प योजना के तहत तीन बार पुरस्कृत हो चुका है इछावर सिविल अस्पताल ................... सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। सीहोर जिले के इछावर स्थित सिविल अस्पताल आज स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। यह अस्पताल न सिर्फ मरीजों के उपचार का केंद्र है, बल्कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का भी जीवंत उदाहरण है। यहां प्रतिदिन लगभग 400 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेने आते हैं, जिनमें से 20 से 30 मरीजों को भर्ती किया जाता है। खास बात यह है कि यहां प्रतिदिन औसतन 05 महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी कराई जाती है, जो महिला स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अस्पताल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान देता है। हर दिन 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की जाती है और 03 से 04 महिलाओं का ऑपरेशन भी सफलता पूर्वक संपन्न होता है। इसके अलावा अस्पताल ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए भी सक्रिय है, जहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीज अपनी जांच करवाने आते हैं। इस अस्पताल में लगभग 80 मरीजों की 200 पैथोलॉजिकल जांच प्रतिदिन की जाती हैं, जो इस अस्पताल की तकनीकी दक्षता और संसाधनों की उपलब्धता को प्रमाणित करता है। इछावर सिविल अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में भी राज्य में अग्रणी स्थान पर है। इस अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 नए मरीज इसका लाभ ले रहे हैं। एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी यहां निरंतर उपलब्ध हैं, जहां प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों का परीक्षण किया जाता है। अस्पताल को उसके समर्पित कार्यों के लिए राज्य सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2020-21 में तीन बार प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। इन पुरस्कारों के साथ 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई, जो इसके उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। यह भी गर्व की बात है कि सिविल अस्पताल इछावर को आईएसओ प्रमाणन प्राप्त है और यह लक्ष्य सर्टिफाइड संस्थान भी है, जो प्रसव सेवाओं में मानकों के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित करता है। आज यह अस्पताल सिर्फ इलाज का स्थान नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सेवा और उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। यह सफलता न केवल अस्पताल की मेहनत का परिणाम है, बल्कि सरकार की योजनाओं के प्रभावशाली क्रियान्वयन का भी जीता-जागता उदाहरण है। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 6, 2026

वर्षा काल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन अभियान जारी

                   वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम तथा आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है। विभागीय अमला पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों तथा जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल का नियमित रूप से क्लोरीनेशन कर रहा है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता बनी रहे और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की सतत निगरानी भी की जा रही है। इसके लिए पेयजल परीक्षण किट के माध्यम से जल के नमूनों की जांच कर पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा रही है।  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें तथा यदि पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

वर्षा काल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन अभियान जारी वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम तथा आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है। विभागीय अमला पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों तथा जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल का नियमित रूप से क्लोरीनेशन कर रहा है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता बनी रहे और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की सतत निगरानी भी की जा रही है। इसके लिए पेयजल परीक्षण किट के माध्यम से जल के नमूनों की जांच कर पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें तथा यदि पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 6, 2026

• कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देश पर जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम

 • जोखिमपूर्ण स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती, सूचना बोर्ड लगाकर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

                          जिले में लगातार हो रही वर्षा और जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले के नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल सहित अन्य जल पर्यटन एवं जोखिमपूर्ण स्थलों पर आमजन की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

प्रशासन द्वारा संबंधित स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। तैनात कर्मचारी नागरिकों को जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में जाने से रोकने के साथ ही उन्हें आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रमुख जल पर्यटन स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संबंधी फ्लेक्स और सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों से जलभराव, तेज बहाव एवं गहरे पानी वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वर्षाकाल के दौरान अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल एवं अन्य जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देश पर जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम • जोखिमपूर्ण स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती, सूचना बोर्ड लगाकर नागरिकों से सतर्क रहने की अपील जिले में लगातार हो रही वर्षा और जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले के नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल सहित अन्य जल पर्यटन एवं जोखिमपूर्ण स्थलों पर आमजन की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन द्वारा संबंधित स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। तैनात कर्मचारी नागरिकों को जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में जाने से रोकने के साथ ही उन्हें आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रमुख जल पर्यटन स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संबंधी फ्लेक्स और सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों से जलभराव, तेज बहाव एवं गहरे पानी वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वर्षाकाल के दौरान अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल एवं अन्य जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 6, 2026

• आष्टा में कोटवार दल को मिलेगा पुलिस फोर्स जैसा प्रशिक्षण, कानून व्यवस्था में निभाएगा सक्रिय दायित्व

• कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने पहल की सराहना, तहसीलदार श्री पगारे के निर्देशन में चल रहा प्रशिक्षण

                          सीहोर जिले की आष्टा तहसील में ग्रामीण प्रशासन और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। आष्टा तहसील के कोटवारों को संगठित कर उन्हें पुलिस बल की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे प्रशासन और पुलिस का प्रभावी सहयोग कर सकें। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपात परिस्थितियों में त्वरित सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।

आष्टा तहसीलदार श्री रामलाल पगारे के मार्गदर्शन में कोटवार दल को अनुशासन, टीम भावना, सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें परेड, अनुशासित संचालन, भीड़ प्रबंधन, प्रशासनिक सहयोग, आपदा की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया तथा विभिन्न परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की जानकारी दी जा रही है। कोटवारों निर्धारित यूनिफॉर्म एक संगठित दल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेंगे।

प्रशिक्षित कोटवार दल का उपयोग प्रमुख त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों, जुलूसों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, प्रशासनिक अभियानों, शांति व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण तथा अनावश्यक विवादों और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी यह दल पुलिस एवं प्रशासन के सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना संकलन और प्रशासन तक त्वरित जानकारी पहुंचाने का दायित्व भी यह दल निभाएगा।

तहसीलदार श्री रामलाल पगारे ने बताया कि कोटवार ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता और उपयोगिता को बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने तहसीलदार श्री रामलाल पगारे की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि कोटवार शासन-प्रशासन की आधारभूत इकाई हैं। उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यप्रणाली से जोड़ने से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विभिन्न अवसरों पर पुलिस और प्रशासन को प्रभावी सहयोग मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल सिद्ध हो सकती है।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• आष्टा में कोटवार दल को मिलेगा पुलिस फोर्स जैसा प्रशिक्षण, कानून व्यवस्था में निभाएगा सक्रिय दायित्व • कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने पहल की सराहना, तहसीलदार श्री पगारे के निर्देशन में चल रहा प्रशिक्षण सीहोर जिले की आष्टा तहसील में ग्रामीण प्रशासन और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। आष्टा तहसील के कोटवारों को संगठित कर उन्हें पुलिस बल की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे प्रशासन और पुलिस का प्रभावी सहयोग कर सकें। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपात परिस्थितियों में त्वरित सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। आष्टा तहसीलदार श्री रामलाल पगारे के मार्गदर्शन में कोटवार दल को अनुशासन, टीम भावना, सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें परेड, अनुशासित संचालन, भीड़ प्रबंधन, प्रशासनिक सहयोग, आपदा की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया तथा विभिन्न परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की जानकारी दी जा रही है। कोटवारों निर्धारित यूनिफॉर्म एक संगठित दल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेंगे। प्रशिक्षित कोटवार दल का उपयोग प्रमुख त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों, जुलूसों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, प्रशासनिक अभियानों, शांति व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण तथा अनावश्यक विवादों और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी यह दल पुलिस एवं प्रशासन के सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना संकलन और प्रशासन तक त्वरित जानकारी पहुंचाने का दायित्व भी यह दल निभाएगा। तहसीलदार श्री रामलाल पगारे ने बताया कि कोटवार ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता और उपयोगिता को बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने तहसीलदार श्री रामलाल पगारे की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि कोटवार शासन-प्रशासन की आधारभूत इकाई हैं। उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यप्रणाली से जोड़ने से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विभिन्न अवसरों पर पुलिस और प्रशासन को प्रभावी सहयोग मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल सिद्ध हो सकती है। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 6, 2026

महिला आत्मनिर्भरता का उदाहरण बनीं ममता यादव : स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं 'लखपति दीदी' कभी सीमित संसाधनों और संकोच भरे जीवन में रहने वाली बुधनी तहसील के ग्राम पानगुराडिया की श्रीमती ममता यादव आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि यह भी साबित किया कि अवसर, सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर कोई भी महिला अपनी पहचान बना सकती है। करीब 38 वर्षीय ममता यादव ने वर्ष 2017 में आत्मनिर्भर बनने और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से देवांशी स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली। शुरुआत में उनके सामने आत्मविश्वास की कमी और जानकारी का अभाव जैसी चुनौतियां थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे समूह की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करने लगीं। समूह को प्राप्त 10 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) राशि तथा 1.50 लाख रुपये के सीआईएफ/सीसीएल ऋण के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को मजबूत आधार दिया। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 02 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहयोग का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव में साड़ी की दुकान शुरू की। व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन ममता ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज उनकी दुकान गांव और आसपास के क्षेत्रों में एक भरोसेमंद प्रतिष्ठान बन चुकी है। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की बिक्री होती है, जबकि वार्षिक टर्नओवर लगभग 3.60 लाख रुपये है। इतना ही नहीं, उनकी वार्षिक बचत 1.10 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। इस उपलब्धि के साथ वे 'लखपति दीदी' के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। ममता यादव की सफलता केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का भी उदाहरण है। आज वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़ने, स्वयं का रोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ममता यादव की प्रेरक यात्रा यह विश्वास जगाती है कि आत्मविश्वास, निरंतर सीखने की इच्छा और दृढ़ संकल्प के साथ उठाया गया हर छोटा कदम बड़ी सफलता का आधार बन सकता है। उनकी कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्य को साकार करती है और यह साबित करती है कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त वास्तविकता है। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore - Sehore News