खुशियों की दास्तां
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शहडोल के दो वनकर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर गज गौरव अवॉर्ड
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हाथी-मानव द्वंद्व प्रबंधन, जनसुरक्षा एवं हाथी संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
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शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है कि हाथी संरक्षण एवं मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के दो वनकर्मियों को गज गौरव अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में आयोजित सम्मान समारोह में बुढार रेंज के तत्कालीन वनरक्षक सम्हारुद्दीन बैगा एवं वनरक्षक राकेश बैगा को आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री पवन कल्याण द्वारा यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष विश्व हाथी दिवस के अवसर पर गज गौरव अवॉर्ड प्रदान किया जाता है। यह सम्मान हाथियों के संरक्षण, मानव-हाथी द्वंद्व के प्रभावी प्रबंधन तथा हाथियों की सुरक्षा के लिए मैदानी स्तर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है।
दिन-रात निगरानी और ग्रामीणों के साथ समन्वय
वर्ष 2025-26 के दौरान बुढार रेंज क्षेत्र में हाथियों के झुंडों की लगातार आवाजाही एवं लंबे समय तक मौजूदगी के दौरान दोनों वनकर्मियों ने जनसुरक्षा और हाथियों के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया। उन्होंने दिन-रात निगरानी के साथ रात्रि गश्त, हाथियों की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग तथा स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित किया।
हाथियों की गतिविधियों के संबंध में ग्रामीणों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाए गए। हाथी प्रभावित एवं संवेदनशील परिवारों को आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सहयोग किया गया। साथ ही प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय किया गया।
मानव-हाथी द्वंद्व कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका
दोनों वनकर्मियों की सक्रियता एवं सतत मैदानी उपस्थिति से हाथियों के आवागमन के दौरान संभावित मानव-हाथी द्वंद्व को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली। उनके प्रयासों से स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही हाथियों को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार की गईं।
वनकर्मियों द्वारा स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर हाथियों के व्यवहार, उनकी गतिविधियों एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इससे ग्रामीणों और हाथियों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने में भी मदद मिली।
शहडोल के लिए गौरव का क्षण
गज गौरव अवॉर्ड-2026 में मध्यप्रदेश से शहडोल जिले के इन दो वनकर्मियों का सम्मान जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों के बीच वन विभाग के मैदानी अमले द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान उनके कार्यों के प्रति प्रोत्साहन और मनोबल बढ़ाने वाली है।
वनरक्षक सम्हारुद्दीन बैगा वर्तमान में शहडोल नर्सरी डिपो में पदस्थ हैं, जबकि वनरक्षक राकेश बैगा बुढार रेंज में सेवाएं दे रहे हैं। सम्मान मिलने पर दोनों वनकर्मियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अधिकारियों के मार्गदर्शन, विभागीय टीम के सहयोग और मैदानी स्तर पर लगातार किए गए सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
हाथियों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास
शहडोल संभाग में पिछले कुछ वर्षों में हाथियों की गतिविधियों में वृद्धि हुई है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अलावा शहडोल के बाणसागर बैकवाटर क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न इलाकों में हाथियों के झुंडों की आवाजाही देखी जाती है। छत्तीसगढ़ की ओर से अनूपपुर होते हुए भी हाथियों का आवागमन बना रहता है।
ऐसे में वन विभाग द्वारा हाथियों के संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा, ग्रामीणों में जागरूकता तथा मानव-हाथी द्वंद्व को न्यूनतम करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। गज गौरव अवॉर्ड से सम्मानित दोनों वनकर्मियों का कार्य इन प्रयासों का प्रेरणादायी उदाहरण है।
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Shahdol, Madhya Pradesh | Aug 16, 2026