डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल जोगिंदर नगर में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता एवं वेद प्रचार सप्ताह का समापन
जोगिंदर नगर, उमेश कुमार।
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल जोगिंदर नगर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री संजीव गुलेरिया, पूर्व प्रेस अध्यक्ष श्री कैलाश शर्मा, पी.टी.ए. अध्यक्ष श्री ललित जम्वाल तथा श्री जतिन लटावा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मुख्य अतिथि श्री संजीव गुलेरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने तथा निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं तथा विद्यालय द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की।
वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न अंतर-सदनीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वॉलीबॉल में टैगोर सदन विजेता रहा। खो-खो बालक वर्ग में टैगोर सदन तथा बालिका वर्ग में विवेकानंद सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में विवेकानंद सदन विजेता रहा।
कैरम बालिका वर्ग में मन्नत ने प्रथम, काव्या ने द्वितीय तथा श्रीनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालक वर्ग में आदित्य प्रथम, राहुल द्वितीय तथा हर्षित शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। शतरंज बालिका वर्ग में जैनिश प्रथम एवं शायना द्वितीय रहीं, जबकि बालक वर्ग में दक्षित बरेल प्रथम तथा अर्णव द्वितीय स्थान पर रहे।
इसी अवसर पर विद्यालय में आयोजित वेद प्रचार सप्ताह का समापन भी हवन-यज्ञ के साथ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने यज्ञ में आहुतियाँ डालीं। समापन के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग एवं लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैदिक संस्कृति, संस्कारों, नैतिक मूल्यों एवं स्वस्थ जीवनशैली का महत्त्व समझाया गया। विद्यालय परिसर में पूरे दिन खेलों का उत्साह और वैदिक संस्कारों की सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल और संस्कार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया।