बरेली की बीएल एग्रो का वैश्विक बाजार में प्रवेश, तंजानिया में ₹7,000 करोड़ निवेश की योजना
10 साल में खाद्य तेल, डेयरी, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में होगा निवेश, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद
#बरेली/#नई #दिल्ली, 22 #अक्टूबर। #उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित #बीएल #एग्रो #ग्रुप ने #अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अफ्रीकी देश तंजानिया में अगले 10 वर्षों के दौरान विभिन्न चरणों में ₹7,000 करोड़ के निवेश की योजना की घोषणा की है। इस निवेश के तहत खाद्य तेल, डेयरी, पशुपालन, कृषि अनुसंधान और विनिर्माण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है।
कंपनी के अनुसार, यह पहल वर्ष 2030 तक ₹30,000 करोड़ का समूह बनने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निवेश के माध्यम से तंजानिया में एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसमें स्थानीय कृषि संसाधनों के साथ भारतीय तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण के अनुभव का उपयोग किया जाएगा। इससे भारत और तंजानिया के बीच व्यापार, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
खाद्य तेल उत्पादन को मिलेगी प्राथमिकता
बीएल एग्रो की विस्तार योजना में खाद्य तेल क्षेत्र सबसे प्रमुख रहेगा। तंजानिया सूरजमुखी उत्पादन के लिए जाना जाता है और वहां तिलहन उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। कंपनी स्थानीय स्तर पर खाद्य तेल उत्पादन और प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रही है। इससे कृषि उपज का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन करने और घरेलू मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में भी विस्तार
कंपनी तंजानिया में आधुनिक डेयरी बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं पर भी काम करेगी। इसके साथ ही स्थानीय किसानों के साथ अनुबंध आधारित खेती और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इन प्रयासों से किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और बाजारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का लक्ष्य है।
तंजानिया सरकार के साथ सहयोग की तैयारी
यह घोषणा बीएल एग्रो के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की हालिया तंजानिया यात्रा के बाद की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने वहां सरकारी प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ प्रस्तावित परियोजनाओं तथा निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की थी। तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और निवेश संबंधों को मजबूत करने के विषय पर भी चर्चा हुई।
बीएल एग्रो के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने कहा कि तंजानिया में कृषि, पशुधन, खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। भारतीय तकनीक और प्रसंस्करण विशेषज्ञता से इन क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य स्थानीय समुदायों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना और टिकाऊ कारोबारी व्यवस्था विकसित करना है।
भारत में तंजानिया की उच्चायुक्त अनिसा के. मबेगा ने भी प्रस्तावित निवेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे तकनीक हस्तांतरण, रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिल सकता है। उनके अनुसार, इस तरह का सहयोग किसानों को सशक्त बनाने और सतत आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है।
स्थानीय उत्पादन और रोजगार पर रहेगा जोर
बीएल एग्रो तंजानिया सरकार के ‘बिल्डिंग अ बेटर टुमॉरो’ (बीबीटी) कार्यक्रम के अनुरूप भी निवेश के अवसर तलाश रही है। कंपनी की योजना में कृषि विकास, तकनीक हस्तांतरण, स्थानीय उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है। हालांकि, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य प्रस्तावित निवेश से जुड़ी उम्मीद है।
बरेली से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक का सफर
बरेली मुख्यालय वाला बीएल एग्रो ग्रुप खाद्य तेल और खाद्य उत्पादों के कारोबार में अपनी पहचान रखता है। समूह के प्रमुख ब्रांड बैल कोल्हू और नौरिश हैं। इसके अलावा समूह की कंपनियां कृषि प्रौद्योगिकी, डेटा विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन, पशुओं के आनुवंशिक सुधार और जलवायु-अनुकूल पशुपालन जैसे क्षेत्रों में भी काम करती हैं।
तंजानिया में प्रस्तावित निवेश से बीएल एग्रो को पूर्वी अफ्रीका के बाजारों में विस्तार का अवसर मिल सकता है। साथ ही, बरेली की इस कंपनी की वैश्विक उपस्थिति बढ़ने और भारत-तंजानिया के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की संभावनाएं भी हैं।
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