प्रेस विज्ञप्ति
समाहरणालय, मधेपुरा
जिला जनसंपर्क कार्यालय
दिनांक : 24 सितंबर 2026
*जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक रंजन ने की ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ की समीक्षा, जनभागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर*
*स्रोत पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने, स्वच्छता गतिविधियों में तेजी लाने एवं आमजनों में व्यवहार परिवर्तन को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*
मधेपुरा, 24 सितंबर 2026 : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत संचालित “स्वच्छता ही सेवा 2026 — स्वच्छता में सहभाग” अभियान को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज दिनांक 24 सितंबर 2026 को समाहरणालय, मधेपुरा स्थित न्यू एनआईसी सभागार में जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।बैठक में उपविकास आयुक्त समेत अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी जुड़े थे।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक जनभागीदारी एवं स्थायी व्यवहार परिवर्तन से जोड़ा जाए। उन्होंने स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, आमजनों को निरंतर जागरूक करने तथा निर्धारित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से स्रोत पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि घर एवं अन्य स्रोतों पर ही कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करना स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर आमजनों को इसके लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।
*चार स्तरीय स्रोत पृथक्करण को लेकर स्वच्छता कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को किया गया जागरूक*
इसी क्रम में दिनांक 23 सितंबर 2026 को जिला पंचायती राज संसाधन केंद्र, मधेपुरा परिसर में स्वच्छता कर्मियों एवं स्वच्छता पर्यवेक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मानचित्र के माध्यम से चार स्तरीय स्रोत पृथक्करण की जानकारी दी गई तथा कचरे को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अलग-अलग रखने की प्रक्रिया समझाई गई।
स्वच्छता कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को विशेष रूप से गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा एवं अन्य कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि स्रोत पर ही कचरे का उचित पृथक्करण सुनिश्चित होने से कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाई जा सकती है।
*स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील*
जिला पदाधिकारी के निर्देश के अनुरूप सभी स्वच्छता कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में “कचरा स्रोत पर ही अलग करें” के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं तथा लोगों को गीला, सूखा, घरेलू हानिकारक एवं अन्य कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करें।
साथ ही, स्वच्छता अभियान में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता संबंधी व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर बल दिया गया।
जनभागीदारी, जिम्मेदार व्यवहार और निरंतर प्रयासों के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ गांवों का निर्माण संभव है। सामूहिक सहभागिता से “स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में मधेपुरा जिला निरंतर आगे बढ़ रहा है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar