**मुआवजे पर बनी सहमति, तीन दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार**
• दुमका जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र के चिरुडीह गांव में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद चला विवाद शुक्रवार को समाप्त हो गया।
• कंपनी, ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में मृतका के आश्रितों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी।
• दुर्घटना में घायल मृतका की पुत्री किरण शीला बास्की को भविष्य में कंपनी में नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया।
• समझौते के बाद तीन दिनों से रुका मेरीशिला हेंब्रम का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
• दुर्घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे एवं रोजगार की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोक दिया था।
• ग्रामीणों ने कोल कंपनी के मिट्टी खुदाई कार्य को भी बंद करा दिया था और आश्रितों के लिए मुआवजा तथा नौकरी की मांग कर रहे थे।
• वार्ता के दौरान नवेली उत्तरप्रदेश पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड के अधिकारियों ने 6 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई।
• कंपनी की ओर से बताया गया कि कोयला उत्खनन कार्य शुरू होने के बाद घायल बेटी को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
• गौरतलब है कि बुधवार को विस्फोटक लदे वाहन की टक्कर से मेरीशिला हेंब्रम की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पुत्री घायल हो गई थी।
• वार्ता में कंपनी के अधिकारी, जिला परिषद सदस्य, गोपीकांदर थाना पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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