गाजीपुर में भूमि विवाद के मामले में पैमाइश और कार्रवाई करने पहुंची पुलिस एवं राजस्व टीम पर हमले के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।इस मामले में लेखपाल की तहरीर पर 20 नामजद और 20 अज्ञातनलोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।मामला नोनहरा थाना क्षेत्र के चक कमरौरा गांव की है। जहां 7 अक्टूबर को राजस्व और पुलिस की टीम जमीन की पैमाइश और कार्यवाही करने पहुंची थी।इस दौरान एक पक्ष के लोगो ने टीम पर हमला कर दिया था। हमले में एक पीएसआई समेत कई लोग घायल हो गए। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायल पीएसआई का हाल जाना और अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम ने बताया कि 6 अगस्त को जनता दर्शन में प्रर्मिला देवी ने भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। निर्देश पर राजस्व टीम ने भूमि की पैमाइश कर कब्जा दिलाने की कार्रवाई करते हुए सीमा चिन्ह स्थापित किए थे। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने सीमा चिन्ह उखाड़ दिए। इसके बाद पुलिस बल के साथ राजस्व टीम दोबारा मौके पर पहुंची, जहां उन पर हमला कर दिया गया।
घायल उपनिरीक्षक को उपचार के बाद चिकित्सकों ने खतरे से बाहर बताया है। डीएम ने कहा कि सरकारी टीम पर हमला गंभीर अपराध है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई और जिला बदर की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि भूमि या अन्य विवादों का समाधान कानून हाथ में लेकर नहीं, बल्कि कानूनी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किया जाए। पुलिस, राजस्व या प्रशासनिक टीम पर हमला, धमकी अथवा सरकारी कार्य में बाधा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परिस्थितियों के अनुसार गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।जबकि इस मामले में आरोपी पक्ष के एक युवक की लापता होने की भी खबर सामने आ रही है।बताया जा रहा है हमले के बाद आरोपी पक्ष का एक युवक नदी में कूद गया।जिसकी पुलिस तलाश कर रही है