#विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
गाजीपुर। साइबर क्राइम थाना गाजीपुर पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विदेश में नौकरी के आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पासपोर्ट, जॉब ऑफर लेटर और फ्लाइट टिकट के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम मंगाकर ठगी की जाती थी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 54 हजार 300 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, कंप्यूटर सेट, लैपटॉप, कलर प्रिंटर तथा दो चार पहिया वाहन बरामद किए हैं। बरामद दोनों वाहनों की कीमत करीब 20 लाख रुपये और मोबाइल फोन की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम थाना गाजीपुर में एक शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 33/2026 दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के सीएससी खाते में साइबर अपराध से अर्जित धनराशि मंगाकर अगस्त से सितंबर के बीच करीब 15 लाख रुपये नगद निकाले जाने की बात सामने आई थी। बाद में खाते फ्रीज/लीन होने पर मामले की जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से तीन आरोपियों सोहन राम, सूर्य प्रकाश अरोरा और फैजल खान उर्फ सन्नी को गिरफ्तार किया।
सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन बनता था ठगी का जरिया
पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी सोहन राम दूसरे लोगों के नाम पर सिम कार्ड और म्यूल बैंक खाते हासिल करता था। इसके लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को रुपये का लालच देकर उनके नाम पर सिम और बैंक खाते लिए जाते थे। इन सिम कार्डों को कुरियर के जरिए गाजीपुर में रह रहे अपने बेटे सूर्य प्रकाश अरोरा तक पहुंचाया जाता था।
इसके बाद फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग आईडी से विदेश में नौकरी के आकर्षक विज्ञापन चलाए जाते थे। विज्ञापन में वही मोबाइल नंबर दिया जाता था, जिनके सिम आरोपियों के पास होते थे। विज्ञापन देखकर नौकरी के इच्छुक लोग संपर्क करते थे और कॉल कथित फर्जी कॉल सेंटर में पहुंचती थी।
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में कुछ युवतियों को नौकरी पर रखकर उनसे शुरुआती बातचीत कराई जाती थी। पीड़ित के विदेश जाने के लिए तैयार होने के बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर करीब पांच हजार रुपये लिए जाते थे। इसके बाद बायोडाटा और पासपोर्ट की जानकारी लेकर कूटरचित जॉब ऑफर लेटर भेजा जाता था और फिर अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम की मांग की जाती थी।
विश्वास जीतने के लिए डमी फ्लाइट टिकट भी उपलब्ध कराया जाता था। इसके बाद रकम म्यूल खातों में मंगाई जाती थी और सीएससी सेंटर के माध्यम से क्यूआर कोड से पैसा प्राप्त कर नगद या एटीएम के जरिए निकाला जाता था।
पुलिस ने बरामद सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों द्वारा अब तक कितने लोगों से साइबर ठगी की गई है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की रिपोर्ट I4C, गृह मंत्रालय को भी भेजी जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी
सोहन राम पुत्र वासुदेव राम, उम्र करीब 45 वर्ष, निवासी सिपाह जहूराबाद, थाना बड़ेसर, गाजीपुर।
सूर्य प्रकाश अरोरा पुत्र सोहन राम, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी ग्राम सिपाह जहूराबाद, थाना बड़ेसर, गाजीपुर।
फैजल खान उर्फ सन्नी पुत्र लीम अहमद खान, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी कस्बा रजदेपुर, पुलिस चौकी के पास, थाना कोतवाली, गाजीपुर।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी के आकर्षक विज्ञापन देखकर बिना सत्यापन के किसी को पैसा न दें। नौकरी देने वाली संस्था और ऑफर की फिजिकल/स्वतंत्र रूप से पुष्टि जरूर करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें।