मणिमहेश यात्रा से पहले हाई अलर्ट: उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का निरीक्षण
60 संवेदनशील स्थल चिन्हित, हर पांच किलोमीटर पर मशीनें तैनात; यात्रा से पहले सभी मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश
चम्बा, 17 जुलाई।
आगामी श्री मणिमहेश यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर गत वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए और श्री मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य हर हाल में समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से उन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए, जहां चट्टानों और पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर समय रहते ढीले पत्थरों को हटाया जाए तथा सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित एवं निर्बाध बनी रहे।
इस अवसर पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चम्बा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को हर समय सुचारु बनाए रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा पूरे मार्ग पर प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध करवाई गई है, जिससे भूस्खलन या अन्य कारणों से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे तुरंत बहाल किया जा सके।
उन्होंने बताया कि बत्ती की हट्टी, चूड़ी तथा अन्य अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। वहीं, प्रत्येक ऐसे स्थल पर दो फ्लैगमैन भी नियुक्त किए जाएंगे, जो भूस्खलन या पत्थर गिरने की स्थिति में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करेंगे।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थलों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है, ताकि श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के उप प्रबंधक यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल तथा परीक्षित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।