25 अगस्त से शुरू होगी पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा 2026, ट्रस्ट की बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप
ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, हेलीकॉप्टर सेवा, ड्रोन निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर लिए गए कई अहम फैसले; पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर ₹50 किया गया।
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर,
पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर श्री मणिमहेश ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष एवं उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय भरमौर के सभागार में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के दो दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा दो मिनट का मौन रखकर की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं सदस्य सचिव, श्री मणिमहेश ट्रस्ट भरमौर ने ट्रस्ट की आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए आगामी यात्रा के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज, ग्राम पंचायत भरमौर, सैंचुई एवं हड़सर के प्रधान, ट्रस्ट के सदस्य, व्यापार मंडल भरमौर के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री मणिमहेश यात्रा 2026 का आयोजन 25 अगस्त से 19 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि श्रद्धालुओं के लिए 25 अगस्त से हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू होगी। यात्रा अवधि के दौरान कुगती परिक्रमा मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। प्रारंभिक तौर पर प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं के लिए स्लॉट उपलब्ध रहेंगे। विशेष अवसरों पर आवश्यकता के अनुसार स्लॉट की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। वहीं यात्रा पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए (भरमौर-हड़सर मार्ग) सहित क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, क्रैश बैरियर तथा सूचना संकेतकों का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। धनछो, गौरीकुंड और श्री मणिमहेश झील क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा, विद्युत, संचार एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ अतिरिक्त जल भंडारण टंकियां स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। चंबा-भरमौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी तथा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग की निगरानी ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी।
बैठक में इस वर्ष स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल यात्रा पर विशेष जोर दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण तथा नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने सभी विभागों, लंगर समितियों, दुकानदारों एवं अन्य हितधारकों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े श्री समीर ने अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्थानीय युवाओं की भागीदारी तथा जैविक कचरे से खाद तैयार करने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए, जिनकी बैठक में सराहना की गई।
बैठक में विधायक डॉ. जनक राज के प्रस्ताव पर प्रत्येक लंगर समिति से 12 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क एवं 25 हजार रुपये सुरक्षा राशि लेने का निर्णय लिया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में लंगर समितियां अपने स्तर पर दो सफाई कर्मचारी भी उपलब्ध करा सकेंगी, जो लंगर स्थल और उसके आसपास लगभग 500 मीटर क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखेंगे।
इसके अलावा हड़सर से श्री मणिमहेश तक स्थापित होने वाले सभी लंगरों एवं दुकानों की अनुमति, क्रम संख्या आवंटन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया बीडीओ और डीएफओ भरमौर के माध्यम से पूरी होगी, जबकि लूणा से हड़सर तक लंगर लगाने की अनुमति एसडीएम (नागरिक) भरमौर कार्यालय द्वारा जारी की जाएगी। सभी दुकानों और लंगरों को क्रम संख्या प्रदान की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने और कूड़ा-कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।