डीएम ने सोमवारीय बैठक में विभागों को दिए सख्त निर्देश, लंबित कार्यों के त्वरित निष्पादन पर जोर।
जिला प्रशासन द्वारा विकास कार्यों और जन समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई गई है। आज़ 08 जून 2026 को समाहरणालय स्थित 'मंथन सभागार' में जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में साप्ताहिक 'सोमवारीय बैठक' का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और प्रशासनिक पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए सभी अंचलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के अंतर्गत प्रस्तावित भवन निर्माण कार्यों के लिए भूमि की पहचान सुनिश्चित करें। इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी महोदय ने जिला नीलामपत्र पदाधिकारियों को नीलाम पत्र की कार्यवाही में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रत्येक पदाधिकारी को महीने में कम से कम एक लाख रुपये की राजस्व वसूली सुनिश्चित करनी होगी। उनके द्वारा बताया गया कि जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए जिला पदाधिकारी ने निम्नलिखित बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए कि
'जनसमाधान पोर्टल' और 'सहयोग शिविर' में लंबित आवेदनों को यथाशीघ्र निष्पादित किया जाए। जाति, आय और ओबीसी प्रमाणपत्रों की जांच कर उचित कार्यवाही करने को कहा गया। बिजली उपभोक्ताओं से संबंधित लंबित आवेदनों को तुरंत निपटाने का निर्देश दिया गया।
आयुक्त कार्यालय, मुख्यमंत्री सचिवालय परिवाद, और उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों (CWJC, MJC) को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निपटाने का निर्देश दिया गया।
'जल-जीवन-हरियाली' और स्वास्थ्य-शिक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता, शौचालय निर्माण और भवनों की मरम्मत/नए निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई और इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया। जिले में आहर, पइन और कुओं का जीर्णोद्धार करने तथा नए चेकडैम निर्माण के माध्यम से जल संचयन को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अपर समाहर्ता (जांच), भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित जिले के अन्य सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।