जल गंगा संवर्धन अभियान का समारोहपूर्वक समापन*
*जल संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच, सचिव एवं जीआरएस का सम्मान*
मुरैना, जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत देवरी में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष मुरैना श्री मोहर सिंह कंषाना, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, सचिवों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जनपद अध्यक्ष मुरैना श्री मोहर सिंह कंषाना ने कहा कि 19 मार्च से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाबों का निर्माण, डगवेल रिचार्ज, कुओं एवं बावड़ियों का जीर्णोद्धार, अमृत सरोवरों का विकास, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना तथा अन्य जल संरक्षण संबंधी कार्य व्यापक स्तर पर किए गए। इन कार्यों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, ग्रामीणों तथा पंचायत एवं अन्य विभागों के अमले ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े तीन माह तक चले इस अभियान के दौरान जिले की सैकड़ों जल संरचनाओं को नया जीवन मिला है। परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण कर उन्हें पुनः उपयोगी बनाया गया है, जिससे न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक शासकीय अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित सतत सामाजिक दायित्व है। जल संसाधनों का संरक्षण वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदर्शिता के साथ कुओं, बावड़ियों, तालाबों एवं अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का निर्माण कर जल प्रबंधन की समृद्ध परंपरा विकसित की थी। आज आवश्यकता है कि हम उसी विरासत को आधुनिक सोच एवं सामूहिक सहभागिता के साथ आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण को अपने दैनिक व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाए तथा जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं नियमित रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसका संरक्षण ही पर्यावरणीय संतुलन, कृषि समृद्धि, ग्रामीण विकास तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है। यदि शासन, प्रशासन और समाज मिलकर निरंतर प्रयास करें तो जल संरक्षण को एक स्थायी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
*मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन*
जिला स्तरीय समापन समारोह में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन भी किया गया। संदेश में बताया गया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 3.62 लाख से अधिक जल संरक्षण संबंधी कार्य संपन्न किए गए हैं। इनमें खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर, चेकडैम, जलाशयों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण तथा जल स्रोतों एवं नदियों के संरक्षण से जुड़े जनजागरूकता अभियान शामिल हैं।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच, सचिव एवं जीआरएस सम्मानित*
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण, संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सरपंचों, सचिवों तथा जीआरएस को समारोह में प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अभियान के दौरान मुरैना जिले में 1,072 खेत तालाबों का निर्माण पूर्ण कराया गया। इसके अतिरिक्त 384 डगवेल रिचार्ज तथा 2,430 पुरानी जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य किया गया। ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जल संरचनाओं का चिन्हांकन कर उनका जीर्णोद्धार कराया गया तथा जनभागीदारी के माध्यम से जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण के व्यापक कार्य संपादित किए गए। विभिन्न विभागों द्वारा 62 प्रकार की गतिविधियों के अंतर्गत कुल 17,910 कार्य पूर्ण किए गए।
उल्लेखनीय है कि जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ 19 मार्च 2026 को जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत धनेला में जनभागीदारी से तालाब गहरीकरण कार्य के साथ किया गया था। अभियान के दौरान जिलेभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की गई।