किसान परिवार की बेटी आरती पराशर बनीं भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, भरतपुर का नाम किया रोशन
तिलक नगर की बेटी ने मेहनत और लगन से हासिल की उपलब्धि, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हुआ चयन; परिवार की पहली महिला बनीं सेना में सेवाएं देने वाली
भरतपुर। जिले के तिलक नगर निवासी किसान परिवार की बेटी सुश्री आरती पराशर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर भरतपुर का नाम रोशन किया है। आरती का चयन सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (Armed Forces Medical Services) की मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (Military Nursing Service) में हुआ है। साधारण किसान परिवार से निकलकर सेना में अधिकारी बनने तक का उनका सफर मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मेहनत, लगन और समर्पण से हासिल की सफलता
आरती पराशर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इस मुकाम तक पहुंचने में सफलता हासिल की। उन्होंने NEET के माध्यम से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसके बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा, साक्षात्कार (इंटरव्यू) और मेडिकल जांच सहित चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। उनकी इस उपलब्धि ने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
आरती भारतीय सेना में सेवा देने वाली अपने परिवार की पहली महिला बन गई हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भरतपुर जिले की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
किसान पिता और गृहिणी मां की बेटी ने बढ़ाया मान
आरती पराशर के पिता श्री चंद्रप्रकाश एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती लल्तेश गृहिणी हैं। किसान परिवार में पली-बढ़ीं आरती ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि किसी भी व्यक्ति के सपनों की सीमा तय नहीं करती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं, तो सफलता की राह बनाई जा सकती है। आरती की उपलब्धि से उनके परिजनों और क्षेत्रवासियों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
बेंगलुरु के कमांड हॉस्पिटल में लेंगी तीन साल का प्रशिक्षण
आरती पराशर अब बेंगलुरु स्थित कमांड हॉस्पिटल (एयरफोर्स) में तीन साल का प्रशिक्षण पूरा करेंगी। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर अपनी सेवाएं देंगी। मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के माध्यम से वह चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में देश की सेवा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
यह उपलब्धि उनके लिए एक नए सफर की शुरुआत है, जहां वह अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए देश के सैनिकों और जरूरतमंद मरीजों की सेवा में योगदान देंगी।
क्षेत्रवासियों ने दी बधाई, उज्ज्वल भविष्य की कामना
आरती पराशर की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उनके परिजनों, परिचितों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। लाल सिंह मास्टर, जयचौली, उच्चैन (भरतपुर) सहित कई गणमान्य लोगों ने आरती को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं, आरती के चाचा जगराम पाराशर ने भी उन्हें इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आरती की सफलता भरतपुर जिले के लिए गर्व का विषय है। किसान परिवार से निकलकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने तक का उनका सफर उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने सपनों को साकार करने और देश की सेवा करने का संकल्प रखती हैं।
आरती पराशर ने अपनी उपलब्धि से साबित किया है कि मेहनत, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर सपनों को नई उड़ान दी जा सकती है। उनकी यह सफलता भरतपुर की बेटियों के लिए प्रेरणा और पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।
Bharatpur, Bharatpur | Oct 10, 2026