वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है...........अशोक कुमार व्यास।
आकोला (रमेश चंद्र डाड) वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्वत परिषद द्वारा आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय मांडलगढ़ के सभागार में सोमवार को अपरान्ह 3 बजे संकुल गोष्ठी एवं वक्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता विद्या भारती चित्तौड़ प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य अशोक कुमार व्यास ने कहा कि, वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना देशवासियों के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, संस्कार एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य गणपतसिंह वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य वंदे मातरम् के गौरवशाली इतिहास एवं राष्ट्रीय चेतना में उसके योगदान से समाज को अवगत कराना है।
कार्यक्रम में विज्ञान भारती चित्तौड़ प्रान्त के उपाध्यक्ष करण सिंह सिंघवी, भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सदस्य एवं विद्वत परिषद के सह संयोजक सुरेशचन्द्र शर्मा, स्थानीय प्रबन्ध समिति के उपाध्यक्ष सुधीर कुमार सोनी, सचिव ओमप्रकाश दरोगा, सदस्य कैलाशचन्द्र पटवा, जोगेन्द्रसिंह चौहान, भगवतीलाल गट्टानी, मंजू स्वर्णकार सहित मांडलगढ़ संकुल के विद्यालय बीगोद, बिजौलियां, कोटड़ी, सवाईपुर, मांडलगढ़ के आचार्य, दीदी एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े 110 गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।