*श्रद्धा और चरित्र हमारे जीवन का आधार इसलिए कायम रखे अपनी श्रेष्ठता- आचार्य पुलकसागर महाराज*
*आचार्य पुलकसागर ने सूर्यमहल में दिया दैनिक चातुर्मासिक धर्म संदेश*
भीलवाड़ा:निलेश कांठेड़ ( वरिष्ठ पत्रकार ), 31 अगस्त मोह ओर योग हमारी आत्मा के परिस्पंदन यानि श्रद्धा एवं चरित्र पर असर डालते है। इनसे प्रभावित नहीं हुए तो यह हमारे चरित्र व श्रद्धा को भी प्रभावित नहीं कर पाएंगे। आपके जीवन में चरित्र व श्रद्धा का भाव उत्तम बनने से जीवन में विशुद्धि की अभिवृद्धि होने से गुणस्थान भी उपर बढ़ता जाएगा। श्रद्धा ओर चरित्र ही हमारे जीवन का आधार है इसलिए सदा इनकी श्रेष्ठता कायम रहे ऐसा लक्ष्य बनाए रखे। ये विचार श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ने शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में सोमवार को चातुर्मासिक प्रवचन में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भक्त बनने के लिए प्रभु की भक्ति नहीं करते बल्कि ये कामना करते है कि उनमें जो श्रेष्ठ गुण है वह हमारे अंदर भी आए। हम भगवान बनने की कामना से प्रभु चरणों में स्वयं को समर्पित करते है। हम सिर्फ सामान्य भक्ति नहीं करना चाहते अपितु भक्ति का प्रयोजन यह होता है कि इसके माध्यम से हमारे में भगवत्ता प्रकट हो। सच्चे मन से परमात्मा के आर्दशों व गुणों को आत्मसात करने पर हम भी उनके जैसा बन सकते है। हमे दिखावे का नहीं बल्कि कर्मो से प्रभु का भक्त बनना होगा। जो सच्चा प्रभु उपासक होता है उसके कर्म ओर आचरण भी प्रेरणादायी ओर अनुकरणीय होते है।
आचार्यश्री ने कहा कि अब 16 से 26 सितम्बर तक मनाए जाने वाले पर्युषण महापर्व की तैयारी करनी है। इस दौरान धार्मिक शिविर का आयोजन होगा जिसमें अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की भावना रखे। श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि शुरू में दीप प्रज्वलन,पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य बसंतीलाल,सुशील, अनिल एवं अभिषेक सोनी परिवार ने प्राप्त किया। चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि प्रतिदिन चातुर्मासिक प्रवचन सुबह 8.30 से 10 बजे तक सूर्यमहल में हो रहे है। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे है।