हर गांव तक पहुंचेगी सहकारिता की ताकत, मजबूत होंगी बैंक शाखाएं : भारत भूषण जोवल
ग्राहक हित सर्वोपरि, आधुनिक तकनीक और नई ऋण योजनाओं से बदलेगी सहकारी बैंकिंग की तस्वीर
महिलाओं, युवाओं और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा, सहकारी बैंक बनेगा आत्मनिर्भरता का आधार
*हरियाणा सशक्त बैंक' के विजन को साकार करने में जुटा सहकारी बैंकिंग तंत्र : चेयरमैन
पानीपत, 20 जुलाई। हरको बैंक के चेयरमैन भारत भूषण जोवल ने कहा कि हरियाणा में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक तथा जनहितैषी बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के "हरियाणा सशक्त बैंक" के विजन को धरातल पर उतारने के लिए गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जाएगा तथा प्रत्येक शाखा को सशक्त बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
पानीपत सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन भारत भूषण जोवल ने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी संभाले हुए लगभग दो माह हुए हैं और इस दौरान प्रदेश के सभी 19 केंद्रीय सहकारी बैंकों का दौरा कर उनकी कार्यप्रणाली का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक बैंकिंग व्यवस्था नहीं बल्कि एक परिवार की भावना है, जहां समरसता, विश्वास और पारदर्शिता सबसे बड़ी ताकत होती है।
उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन वर्ष 1905 से देश में जनसेवा का माध्यम रहा है। आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी कर्मचारी और अधिकारी एक परिवार की तरह कार्य करें तथा ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से सेवाएं दें। उन्होंने कहा कि हरको बैंक प्रदेश का सबसे बड़ा सहकारी बैंक है, जिसकी 598 शाखाएं प्रदेशभर में कार्यरत हैं। इन शाखाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
चेयरमैन ने कहा कि बैंक ग्राहकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न ऋण योजनाओं का विस्तार कर रहा है। अब पर्सनल लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा "भारत टैक्सी" योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए बुटीक तथा अन्य छोटे व्यवसाय स्थापित करने हेतु 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। संस्कार, संकल्प और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए बैंक हर वर्ग तक अपनी योजनाओं का लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को आमजन के घर-घर तक पहुंचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में कर्मचारियों को पूरी निष्ठा से कार्य करना होगा। ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने पर ही सहकारिता क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन संभव है।
भारत भूषण जोवल ने बताया कि बैंक में 6 लाख 48 हजार से अधिक खाते संचालित हैं। गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेकर हरियाणा में भी सहकारी बैंकिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के नागरिक इस अभियान में पूरा सहयोग देंगे और सहकारी बैंक प्रदेश के आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेंगे।
इस मौके पर बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, शाखा प्रबंधक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।