RSS जैसे नफरती संगठनों को हमारे शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश देना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। RSS ने हमेशा देश में हिंसा, बहुसंख्यकवाद, जातिवाद और पुरातनवादी सोच को बढ़ावा दिया है। RSS की कार्यप्रणाली दुनिया में फासीवाद के उदाहरणों से मेल खाती है
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय (SKNAU), जोबनेर में छात्रों के दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण की कार्रवाई कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें RSS की शाखा से जुड़ने के लिए लगातार दबाव एवं मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। जब छात्रों ने RSS से जुड़ने से स्पष्ट इनकार किया, तो उन्हें कथित रूप से साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के मानसिक उत्पीड़न की लिखित शिकायत भी पूर्व में दी जा चुकी थी, लेकिन आरोप है कि उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, अब निर्दोष #RSS