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दरार में फंसा पहिया, सड़क पर गिरे एसआई; चेहरे पर गंभीर चोट सिराली-चारखेड़ा मार्ग पर सड़क की बड़ी दरार में बाइक का पहिया फंसने से एसआई खुशहाल बघेल घायल हो गए। उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई है और निजी अस्पताल में इलाज जारी है। ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग की है। . . #anokhaharda #harda #hardanews #mpnewsindia

Harda, Harda | Jun 4, 2026

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हवाई हमले जैसी स्थिति का अभ्यास, हरदा में दिखा हाई अलर्ट का नजारा।
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.#anokhaharda #harda #hardanews #mpnewsindia #news

हवाई हमले जैसी स्थिति का अभ्यास, हरदा में दिखा हाई अलर्ट का नजारा। . .#anokhaharda #harda #hardanews #mpnewsindia #news

Harda, Harda | Jun 5, 2026

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से किया संवाद

- कार्यकर्ताओं से संवाद कर जनसमस्याओं का किया त्वरित समाधान

अनोखा तीर, भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। 
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजनों से संवाद कर उनकी जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया जा सका, उन्हें संबंधित विभागों को निराकरण के लिए भेजा गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उनकी जनसमस्याओं को समझा और उन्हें जल्द से जल्द समाधान दिलाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्‍यक्ष श्री सुरेन्‍द्र शर्मा उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से किया संवाद - कार्यकर्ताओं से संवाद कर जनसमस्याओं का किया त्वरित समाधान अनोखा तीर, भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजनों से संवाद कर उनकी जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया जा सका, उन्हें संबंधित विभागों को निराकरण के लिए भेजा गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उनकी जनसमस्याओं को समझा और उन्हें जल्द से जल्द समाधान दिलाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्‍यक्ष श्री सुरेन्‍द्र शर्मा उपस्थित रहे।

Harda, Harda | Jun 5, 2026

पर्यावरण दिवस विशेष
खेत की मेड़ों पर लहलहा रहे सागौन के वृक्ष, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की समृद्धि के बन रहे सारथी
मसनगांव। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर मसनगांव क्षेत्र एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में उभर रहा है। तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच यहां किसानों ने खेतों की मेड़ों पर सागौन, बांस और फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल प्रस्तुत की है। आज गांव और आसपास के क्षेत्रों में खेतों की मेड़ों पर हजारों सागौन के वृक्ष लहलहा रहे हैं, जो भविष्य में हरित संपदा के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पर्यावरण प्रेमी गौरीशंकर मुकाती के प्रयासों से क्षेत्र में खेत की मेड़ों पर वृक्षारोपण का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण किसानों ने इसे अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनी आय का एक स्थायी स्रोत भी विकसित किया है। जानकारी के अनुसार ग्राम और आसपास के क्षेत्र में करीब 50 हजार से अधिक सागौन के पौधे खेतों की मेड़ों पर लगाए जा चुके हैं, जो आने वाले वर्षों में विशाल वृक्षों का रूप लेकर पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेंगे।
महिला किसान गायत्री बाई बनीं प्रेरणा का स्रोत
करीब दो दशक पहले ग्राम की महिला कृषक गायत्री बाई राठौर ने अपने खेत की मेड़ों पर लगभग 40 सागौन के पौधे लगाए थे। उस समय कई लोगों ने उन्हें ऐसा करने से मना भी किया, लेकिन पर्यावरण संरक्षण का सपना उनके मन में था। आज वे पौधे विशाल वृक्ष बनकर खड़े हैं और क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।
गायत्री बाई बताती हैं कि परिवार के सहयोग से लगाए गए ये पौधे आज न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचा रहे हैं, बल्कि गांव की पहचान भी बन गए हैं। इन वृक्षों को देखने और इस मॉडल को समझने के लिए देश-विदेश से लोग यहां पहुंचते हैं।
फलदार पौधों से भी बढ़ रही आय
ग्राम के किसान मोहम्मद सलीम शाह और शमीम शाह ने भी खेतों में फलदार पौधों और सागौन के वृक्षों का समन्वित रोपण कर खेती का नया मॉडल विकसित किया है। खेतों में फसलों के साथ अमरूद, आम और मेड़ों पर सागौन के वृक्ष लगाए गए हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित हो रही है।
पेड़ों से कम होता है तापमान
बढ़ती आबादी और घटते वन क्षेत्र के कारण क्षेत्र का तापमान गर्मी के दिनों में 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। वहीं वृक्षों की छाया वाले क्षेत्रों में तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। इससे स्पष्ट होता है कि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि प्राकृतिक शीतलन का कार्य भी करते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के अनेक किसान खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता दे रहे हैं।
देश-विदेश में चर्चा का विषय बना मॉडल
पर्यावरणविद् गौरीशंकर मुकाती ने बताया कि मसनगांव और आसपास का क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन ट्रेडिंग के क्षेत्र में नया प्रतिमान स्थापित कर रहा है। किसानों द्वारा खेतों की मेड़ों पर सागौन और बांस का बड़े पैमाने पर रोपण किया गया है। इस मॉडल को देखने और समझने के लिए देश-विदेश से शोधार्थी और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि यहां पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसी मॉडल को अपनाकर नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और खंडवा जिलों में अब तक दो करोड़ से अधिक सागौन के पौधों का रोपण किया जा चुका है।
खेत की मेड़ों पर सागौन रोपण के प्रमुख उद्देश्य
किसानों की आय को सुनिश्चित और स्थायी बनाना।
किसानों के लिए भविष्य निधि के रूप में हरित संपदा तैयार करना।
पर्यावरण संतुलन, भू-जल संवर्धन और भूमि संरक्षण को बढ़ावा देना।
नदियों के कटाव को रोकना तथा जलीय जीवों की रक्षा करना।
लकड़ी के आयात पर होने वाले विदेशी मुद्रा व्यय को कम करना।
ग्रामीण वानिकी के सफल अनुभवों को आगे बढ़ाना।
भविष्य में लोहा और सीमेंट पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य करना।
संभावित लाभ
आने वाले 20 वर्षों में करोड़ों घनमीटर इमारती लकड़ी का उत्पादन।
लाखों करोड़ रुपये मूल्य की हरित संपदा का निर्माण।
करोड़ों टन मिट्टी को नदियों और समुद्र में बहने से बचाना।
क्षेत्रीय तापमान में कमी और रबी फसलों के उत्पादन में वृद्धि।
कार्बन अवशोषण बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना।
विश्व पर्यावरण दिवस पर मसनगांव का यह मॉडल यह संदेश देता है कि यदि किसान अपनी भूमि की मेड़ों को हरियाली से जोड़ दें तो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों लक्ष्य एक साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। गांव का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य की नींव साबित हो सकता है।

पर्यावरण दिवस विशेष खेत की मेड़ों पर लहलहा रहे सागौन के वृक्ष, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की समृद्धि के बन रहे सारथी मसनगांव। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर मसनगांव क्षेत्र एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में उभर रहा है। तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच यहां किसानों ने खेतों की मेड़ों पर सागौन, बांस और फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल प्रस्तुत की है। आज गांव और आसपास के क्षेत्रों में खेतों की मेड़ों पर हजारों सागौन के वृक्ष लहलहा रहे हैं, जो भविष्य में हरित संपदा के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पर्यावरण प्रेमी गौरीशंकर मुकाती के प्रयासों से क्षेत्र में खेत की मेड़ों पर वृक्षारोपण का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण किसानों ने इसे अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनी आय का एक स्थायी स्रोत भी विकसित किया है। जानकारी के अनुसार ग्राम और आसपास के क्षेत्र में करीब 50 हजार से अधिक सागौन के पौधे खेतों की मेड़ों पर लगाए जा चुके हैं, जो आने वाले वर्षों में विशाल वृक्षों का रूप लेकर पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेंगे। महिला किसान गायत्री बाई बनीं प्रेरणा का स्रोत करीब दो दशक पहले ग्राम की महिला कृषक गायत्री बाई राठौर ने अपने खेत की मेड़ों पर लगभग 40 सागौन के पौधे लगाए थे। उस समय कई लोगों ने उन्हें ऐसा करने से मना भी किया, लेकिन पर्यावरण संरक्षण का सपना उनके मन में था। आज वे पौधे विशाल वृक्ष बनकर खड़े हैं और क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। गायत्री बाई बताती हैं कि परिवार के सहयोग से लगाए गए ये पौधे आज न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचा रहे हैं, बल्कि गांव की पहचान भी बन गए हैं। इन वृक्षों को देखने और इस मॉडल को समझने के लिए देश-विदेश से लोग यहां पहुंचते हैं। फलदार पौधों से भी बढ़ रही आय ग्राम के किसान मोहम्मद सलीम शाह और शमीम शाह ने भी खेतों में फलदार पौधों और सागौन के वृक्षों का समन्वित रोपण कर खेती का नया मॉडल विकसित किया है। खेतों में फसलों के साथ अमरूद, आम और मेड़ों पर सागौन के वृक्ष लगाए गए हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित हो रही है। पेड़ों से कम होता है तापमान बढ़ती आबादी और घटते वन क्षेत्र के कारण क्षेत्र का तापमान गर्मी के दिनों में 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। वहीं वृक्षों की छाया वाले क्षेत्रों में तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। इससे स्पष्ट होता है कि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि प्राकृतिक शीतलन का कार्य भी करते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के अनेक किसान खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता दे रहे हैं। देश-विदेश में चर्चा का विषय बना मॉडल पर्यावरणविद् गौरीशंकर मुकाती ने बताया कि मसनगांव और आसपास का क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन ट्रेडिंग के क्षेत्र में नया प्रतिमान स्थापित कर रहा है। किसानों द्वारा खेतों की मेड़ों पर सागौन और बांस का बड़े पैमाने पर रोपण किया गया है। इस मॉडल को देखने और समझने के लिए देश-विदेश से शोधार्थी और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी मॉडल को अपनाकर नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और खंडवा जिलों में अब तक दो करोड़ से अधिक सागौन के पौधों का रोपण किया जा चुका है। खेत की मेड़ों पर सागौन रोपण के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय को सुनिश्चित और स्थायी बनाना। किसानों के लिए भविष्य निधि के रूप में हरित संपदा तैयार करना। पर्यावरण संतुलन, भू-जल संवर्धन और भूमि संरक्षण को बढ़ावा देना। नदियों के कटाव को रोकना तथा जलीय जीवों की रक्षा करना। लकड़ी के आयात पर होने वाले विदेशी मुद्रा व्यय को कम करना। ग्रामीण वानिकी के सफल अनुभवों को आगे बढ़ाना। भविष्य में लोहा और सीमेंट पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य करना। संभावित लाभ आने वाले 20 वर्षों में करोड़ों घनमीटर इमारती लकड़ी का उत्पादन। लाखों करोड़ रुपये मूल्य की हरित संपदा का निर्माण। करोड़ों टन मिट्टी को नदियों और समुद्र में बहने से बचाना। क्षेत्रीय तापमान में कमी और रबी फसलों के उत्पादन में वृद्धि। कार्बन अवशोषण बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना। विश्व पर्यावरण दिवस पर मसनगांव का यह मॉडल यह संदेश देता है कि यदि किसान अपनी भूमि की मेड़ों को हरियाली से जोड़ दें तो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों लक्ष्य एक साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। गांव का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य की नींव साबित हो सकता है।

Harda, Harda | Jun 5, 2026

भोपाल मंडल में किन्नरों के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल का विशेष सघन अभियान, 346 पर कार्रवाई

अनोखा तीर, भोपाल। रेल यात्रियों से लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों तथा रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेल सुरक्षा बल, भोपाल मंडल द्वारा विशेष सघन अभियान चलाया गया। यह अभियान डीआरएम श्री पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के निर्देशन में मंडल के सभी आरपीएफ पोस्टों द्वारा संचालित किया गया।

अभियान के दौरान रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर धन की मांग करने, जबरन वसूली करने तथा यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने जैसी गतिविधियों की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर जांच एवं निगरानी की गई। इसी क्रम में 
वर्ष 2026 के पांच माह में कार्रवाई के दौरान ऐसे कुल 346 किन्नरों को पकड़ा गया, जिनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए 2 लाख 15 हजार 7 सौ पैतीस रूपये जुर्माना वसूल किया गया जबकि केवल मई माह में 39 किन्नरों के विरुद्ध करवाई कर 29 हजार 1 सौ अस्सी रूपये जुर्माना राशि वसूल किया गया।

रेल सुरक्षा बल द्वारा मंडल के सभी पोस्टों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे मामलों में सतत निगरानी रखें, नियमित जांच अभियान संचालित करें तथा यात्रियों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। रेलवे प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं भयमुक्त यात्रा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के विरुद्ध ऐसे विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। रेल सुरक्षा बल यात्रियों से भी अपील करता है कि किसी भी प्रकार की असुविधा, जबरन धन मांगने अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 अथवा निकटतम आरपीएफ कर्मी को दें, ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।

भोपाल मंडल में किन्नरों के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल का विशेष सघन अभियान, 346 पर कार्रवाई अनोखा तीर, भोपाल। रेल यात्रियों से लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों तथा रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेल सुरक्षा बल, भोपाल मंडल द्वारा विशेष सघन अभियान चलाया गया। यह अभियान डीआरएम श्री पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के निर्देशन में मंडल के सभी आरपीएफ पोस्टों द्वारा संचालित किया गया। अभियान के दौरान रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर धन की मांग करने, जबरन वसूली करने तथा यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने जैसी गतिविधियों की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर जांच एवं निगरानी की गई। इसी क्रम में वर्ष 2026 के पांच माह में कार्रवाई के दौरान ऐसे कुल 346 किन्नरों को पकड़ा गया, जिनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए 2 लाख 15 हजार 7 सौ पैतीस रूपये जुर्माना वसूल किया गया जबकि केवल मई माह में 39 किन्नरों के विरुद्ध करवाई कर 29 हजार 1 सौ अस्सी रूपये जुर्माना राशि वसूल किया गया। रेल सुरक्षा बल द्वारा मंडल के सभी पोस्टों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे मामलों में सतत निगरानी रखें, नियमित जांच अभियान संचालित करें तथा यात्रियों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। रेलवे प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं भयमुक्त यात्रा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के विरुद्ध ऐसे विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। रेल सुरक्षा बल यात्रियों से भी अपील करता है कि किसी भी प्रकार की असुविधा, जबरन धन मांगने अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 अथवा निकटतम आरपीएफ कर्मी को दें, ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।

Harda, Harda | Jun 5, 2026

➡️ हरदा में एयर रेड, ब्लैक आउट एवं सर्च एंड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, एसडीईआरएफ एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में छीपानेर चौराहा क्षेत्र  एवं आसपास के क्षेत्र में एयर रेड, ब्लैक आउट, सर्च एंड एवैक्यूएशन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया।

उक्त मॉक ड्रिल का संचालन  प्लाटून कमांडर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ हरदा श्रीमती रक्षा राजपूत के निर्देशन में स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपन्न कराया गया।
   
कार्यक्रम के अंतर्गत सायं 7:30 बजे प्रथम एयर रेड सायरन बजाया गया, जिसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में पूर्ण ब्लैक आउट किया गया। इसके पश्चात 7:40 बजे द्वितीय सायरन एवं रात्रि 8:00 बजे तृतीय एवं अंतिम सायरन बजाकर हवाई हमले की समाप्ति की सूचना दी गई।*
 
 मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस की 8 प्रमुख टीमों द्वारा संयुक्त रूप से घायलों का ट्रायेज, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण तथा घायलों को एम्बुलेंस तक पहुंचाने का कार्य किया गया। वहीं फायर फाइटिंग टीम द्वारा आग पर त्वरित नियंत्रण प्राप्त करने का प्रदर्शन किया गया।

ब्लैक आउट अवधि में एसडीईआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा सर्च एवं रेस्क्यू अभियान भी चलाया गया। आयोजन से पूर्व दोपहर से ही स्थानीय प्रशासन द्वारा मोबाइल थाना, पम्पलेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों को पूर्व सूचना देकर जागरूक किया गया।

इस अवसर पर एडिशनल एसपी श्री अमित मिश्रा , आरआई रक्षित निरीक्षक श्रीमती रजनी गुर्जर एवं सूबेदार श्री उमेश  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
  
           
मॉक ड्रिल में लगभग 40 पुलिस जवान, 70 सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवक तथा 20 एसडीईआरएफ/होमगार्ड जवानों ने सहभागिता की।
           
यह आयोजन आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं जनसुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

Home Department of Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Harda

#EmergencyPreparedness #MockDrill #PublicSafety #DisasterManagement #ReadyToServe #RescueTeam #SDERF #CivilDefense #MadhyaPradeshPolice
#Harda

➡️ हरदा में एयर रेड, ब्लैक आउट एवं सर्च एंड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का सफल आयोजन कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, एसडीईआरएफ एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में छीपानेर चौराहा क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्र में एयर रेड, ब्लैक आउट, सर्च एंड एवैक्यूएशन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। उक्त मॉक ड्रिल का संचालन प्लाटून कमांडर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ हरदा श्रीमती रक्षा राजपूत के निर्देशन में स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत सायं 7:30 बजे प्रथम एयर रेड सायरन बजाया गया, जिसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में पूर्ण ब्लैक आउट किया गया। इसके पश्चात 7:40 बजे द्वितीय सायरन एवं रात्रि 8:00 बजे तृतीय एवं अंतिम सायरन बजाकर हवाई हमले की समाप्ति की सूचना दी गई।* मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस की 8 प्रमुख टीमों द्वारा संयुक्त रूप से घायलों का ट्रायेज, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण तथा घायलों को एम्बुलेंस तक पहुंचाने का कार्य किया गया। वहीं फायर फाइटिंग टीम द्वारा आग पर त्वरित नियंत्रण प्राप्त करने का प्रदर्शन किया गया। ब्लैक आउट अवधि में एसडीईआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा सर्च एवं रेस्क्यू अभियान भी चलाया गया। आयोजन से पूर्व दोपहर से ही स्थानीय प्रशासन द्वारा मोबाइल थाना, पम्पलेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों को पूर्व सूचना देकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर एडिशनल एसपी श्री अमित मिश्रा , आरआई रक्षित निरीक्षक श्रीमती रजनी गुर्जर एवं सूबेदार श्री उमेश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल में लगभग 40 पुलिस जवान, 70 सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवक तथा 20 एसडीईआरएफ/होमगार्ड जवानों ने सहभागिता की। यह आयोजन आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं जनसुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। Home Department of Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Collector Office Harda #EmergencyPreparedness #MockDrill #PublicSafety #DisasterManagement #ReadyToServe #RescueTeam #SDERF #CivilDefense #MadhyaPradeshPolice #Harda

Harda, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026