*अटैची संस्कृति पर घिरी सरकार, मुख्यमंत्री दें जवाब: राजेंद्र राणा*
*नीरज भारती के आरोपों को बताया भ्रष्टाचार का गंभीर मामला, कहा- हिमाचल को बनाया गया ‘एटीएम’*
हमीरपुर, 6 जून : प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नीरज भारती द्वारा उठाया गया तथाकथित “अटैची संस्कृति” का मामला बेहद गंभीर है और इसे किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
राजेंद्र राणा ने आज यहां जारी बयान में कहा कि नीरज भारती ने तीन अटैचियां दिल्ली भेजने और दो अटैचियां अपने पास रखने जैसे जिस गंभीर विषय को सार्वजनिक किया है, वह प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार और सत्ता के संरक्षण में चल रही कथित आर्थिक बंदरबांट की ओर संकेत करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से क्यों बच रहे हैं और प्रदेश की जनता को सच्चाई बताने से क्यों कतरा रहे हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से प्रदेश में यह चर्चा आम है कि कांग्रेस आलाकमान को खुश रखने और सत्ता की कुर्सी बचाने के लिए हिमाचल को एक “एटीएम” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नीरज भारती जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वयं इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं तो सरकार को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों को “एक दिन का नेता” बताए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल ब्लॉक समिति और जिला परिषद सदस्यों का अपमान है, बल्कि उन हजारों मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उन्हें चुना है।
उन्होंने दावा किया कि हालिया पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने गृह जिला में भी पार्टी की साख बचाने में असफल रहे हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के गृह जिला में ही जिला परिषद की अधिकांश सीटों पर कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी और मतदाताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ स्पष्ट जनादेश दिया है।
राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय नीरज भारती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता के सामने सच्चाई आ सके।