#टांडा में 10 रुपये ज्यादा पार्किंग शुल्क पड़ा भारी, टांडा मेडिकल कॉलेज पर 20 लाख का दंडात्मक हर्जाना
#कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा की पार्किंग में निर्धारित शुल्क से 10 रुपये अधिक वसूलने का मामला अब बड़ा बन गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को 20 लाख रुपये दंडात्मक हर्जाने के तौर पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी कांगड़ा में जमा करवाने के आदेश दिए हैं। यह राशि गरीब मरीजों की सहायता के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
मामला 10 जून 2026 का है, जब अभिषेक शर्मा पाधा अपने रिश्तेदार को इमरजेंसी उपचार के लिए टांडा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कार पार्किंग में खड़ी की। दो घंटे से कम समय के लिए निर्धारित शुल्क 40 रुपये था, लेकिन उनसे 50 रुपये वसूले गए। शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त 10 रुपये लेने का विरोध किया और बाद में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि 14 सितंबर 2021 की बैठक में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। टांडा प्रशासन भी शुल्क बढ़ाने की वैध स्वीकृति का प्रमाण आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
आयोग ने पार्किंग ठेकेदार को भी 2 लाख रुपये पुलिस अधीक्षक कांगड़ा के पास जमा करवाने के आदेश दिए हैं। इस राशि का इस्तेमाल हेलमेट वितरण और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में किया जाएगा। दोनों बड़ी रकम 60 दिनों के भीतर जमा करवानी होंगी, अन्यथा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
इसके अलावा ठेकेदार, प्राचार्य, चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य सचिव सहित चारों विपक्षी पक्षों को कुल 25 हजार रुपये जिला उपभोक्ता कानूनी सहायता कोष में जमा करवाने होंगे। शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी के लिए 5 हजार और मुकदमे के खर्च के 10 हजार रुपये, यानी कुल 15 हजार रुपये देने के आदेश दिए गए हैं।
आयोग ने अस्पताल परिसर में पार्किंग ठेकेदार द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स और रस्सियां तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए हैं।
10 रुपये से शुरू हुआ यह मामला अब 20 लाख रुपये की जवाबदेही तक पहुंच गया है।
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