चित्रकूट भरतकूप थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना का पुलिस ने किया खुलासा 4 अभियुक्त गिरफ्तार भाई की संपत्ति के लिए रची थी हत्या की साजिश
चित्रकूट। भरतकूप थाना क्षेत्र के बैहार ग्राम पंचायत से सनसनीखेज मामला सामने आया है। संपत्ति के विवाद में भाई ने ही अपने भाई का अपहरण व हत्या की साजिश रच डाली। चित्रकूट पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में SOG, सर्विलांस और भरतकूप पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले का आज सोमवार के दोपहर 1:00 खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया है।बताया गया कि 20 अगस्त को महिला पट्टी देवी ने भरतकूप थाने में पति मनोज पाल के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार मनोज 19 अगस्त की सुबह ई-रिक्शा चलाने कर्वी गए थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे। तलाश के दौरान उनका ई-रिक्शा चौहान ढाबे के पास खड़ा मिला। वहां मौजूद व्यक्ति ने बताया कि करीब 7:30 बजे कुछ लोग मनोज को जबरन चार पहिया वाहन में बैठाकर ले गए थे।मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अरुण कुमार सिंह ने SOG/सर्विलांस टीम और भरतकूप पुलिस को तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस ने हिमांशु पाल, अनिल पाल, रोहित साहू और राजू पाल को गिरफ्तार किया।पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपी हिमांशु पाल ने बताया कि मनोज पाल और उसके पिता अनिल पाल सगे भाई हैं। उनके बाबा देवीचरण के नाम बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र के गौलीकला में करीब सात बीघा जमीन तथा हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर में तीन मकान थे। इनमें से एक मकान मनोज और दूसरा अनिल को मिला था, जबकि एक मकान दोनों भाइयों की साझेदारी में था।पुलिस के अनुसार, साझेदारी वाले मकान पर कब्जा करने के इरादे से मनोज पाल की हत्या की साजिश रची गई। आरोपियों ने मनोज को जंगल में ले जाकर कथित तौर पर गला दबाकर हत्या की और शव को पहाड़ों से नदी में फेंक दिया।
पुलिस के मुताबिक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक महिला और एक बिचौलिया समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि दोनों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।