चरखारी: चरखारी में बारावफात पर रहमते आलम कॉन्फ्रेंस का आयोजन, मुफ्ती अजहरी ने 1857 की क्रांति में उलेमाओं की भूमिका बताई
कस्बा चरखारी के गोलाघाट मैदान में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी व बारावफात के अवसर पर "रहमते आलम कॉन्फ्रेंस" का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता भीलवाड़ा राजस्थान के शहर काजी मौलाना मुफ्ती अशरफ जीलानी अजहरी ने कहा कि देश की 1857 की आजादी की जंग में उलेमाओं ने सबसे पहले हिस्सेदारी ली थी। अंग्रेजों ने मौलवी मोहम्मद बाकिर को शहीद किया था।