स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री शिव शक्ति मंदिर पार्क में विशाल निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून (उत्तराखंड) से पधारे विद्वान महात्मा श्री राजीव बिजलवान जी ने की। इस अवसर पर भिवानी एवं चरखी दादरी के निरंकारी श्रद्धालु एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उपस्थित मानव समाज को संबोधित करते हुए श्री बिजलवान जी ने फरमाया कि यदि हमें अपने जीवन को संवारना है तो हमें बाहर नहीं बल्कि अपने भीतर झांकना होगा । उन्होंने समझाया कि यदि हमारा मन स्वच्छ हो तो हर व्यक्ति में अच्छाई दिखाई देती है और यदि मन में द्वेष हो तो बुराइयां नजर आती है। उन्होंने कहा कि संतों महात्माओं ने सदा यही शिक्षा दी है कि निराकार-परमात्मा को जीवन में बसाया जाए । जीवन में संतों का संग सौभाग्य से मिलता है। सांसारिक दायित्व को निभाते हुए यदि निरंकार का एहसास बना रहे तो जीवन पूर्णता से जिया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि संसार के रंग अनेक हैं परंतु परमात्मा का रंग स्थाई है और यही शांति देता है। जब हमारे मन में समर्पण का भाव होता है तब हर व्यक्ति में परमात्मा का स्वरूप दिखाई देता है और करुणा, आदर तथा विनम्रता जीवन का स्वभाव बन जाते हैं । इस प्रकार सत्संग, सेवा,सुमिरन करते हुए हमारा जीवन संतुलित, शांत और शुक्राने के भाव से परिपूर्ण बना रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि परमात्मा से बड़ी कोई ताकत नहीं है हमारे सतगुरु कल्याण का स्रोत है और सतगुरु के वचनों को मानने वालों का कल्याण निश्चित है ।
इस कार्यक्रम में भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज श्री बलदेव राज नागपाल जी ने उपस्थित प्रभु प्रेमी सज्जनों का आभार व्यक्त किया और बताया कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज मानव समाज को ब्रह्मज्ञान देकर मिल-वर्तन, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक श्री विजय शर्मा एवं उनकी सहयोगी टीम द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत-सत्कार किया गया। इस दौरान निरंकारी भक्तों द्वारा भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किया गया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे । भजन के बोल थे :- सभी से प्यार करें और यह दिल निसार करे।
इस अवसर पर हनुमान जोहड़ी धाम से महंत चरण दास जी, समाजसेवी श्री ओ पी नंदवानी, श्री ओम प्रकाश दुरेजा, श्री सुशील सरदाना, श्री कमल गुरेजा, श्री विशंभर अरोड़ा, प्रधान श्री प्रेम कुमार धमीजा, संजय बर्फी पेड़ा भंडार के संचालक श्री प्रेम सागर जी एवं श्री सतीश चंगिया जी विशेष रूप से उपस्थित थे।