पंचकूला पुलिस ने विद्यार्थियों को बताए ड्रग्स के नुकसान, नशामुक्त समाज के लिए वॉलंटियर बनने की दिलाई शपथ, महिला सुरक्षा और समानता का भी पढ़ाया पाठ
पंचकूला/ 25 अगस्त:- युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से पंचकूला पुलिस द्वारा शिक्षण संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पंचकूला पुलिस की टीम सेक्टर-12ए स्थित सार्थक गवर्नमेंट इंटीग्रेटेड मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंची और विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए उन्हें इस अभियान से जोड़ा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को ड्रग्स के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एएसआई शिवानी ने बताया कि ड्रग्स किस प्रकार शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं तथा धीरे-धीरे व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देते हैं। उन्होंने नशे की लत में फंसे व्यक्ति के व्यवहार और लक्षणों में आने वाले बदलावों के बारे में भी बताया, ताकि विद्यार्थी अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त में देखते हैं तो समय रहते उसकी मदद कर सकें।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की लत से बाहर निकलना संभव है और इसके लिए उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पंचकूला पुलिस द्वारा नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को बिना किसी शुल्क के आवश्यक सहयोग दिया जाता है तथा उपचार करवाने में भी मदद की जाती है। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने गांव, मोहल्ले और स्कूल में जागरूकता फैलाकर समाज में वॉलंटियर की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को लड़के और लड़कियों के बीच समानता, आपसी सम्मान और अच्छे व्यवहार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। विद्यार्थियों को महिलाओं एवं लड़कियों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने तथा किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार का विरोध करने के लिए प्रेरित किया गया।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने कहा कि हमारी पुलिस टीमें लगातार शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नशे, महिला सुरक्षा, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक कर रही हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त और सुरक्षित समाज के लक्ष्य को मजबूत किया जा सकता है।